bharaich mass murder: यूपी के बहराइच के रुपईडीहा थाना क्षेत्र में एक युवक ने कुल्हाड़ी से वार कर अपने ही परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी. मृतकों में तीन महिलाएं शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक पैसे की लालच में कलयुगी बेटे ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया. इस हत्याकांड के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. सूचना मिलते ही बहराइच की पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है.
क्या है पूरा माजरा
दो भाइयों के बीच छिड़े विवाद ने एक भयंकर मोड़ ले लिया. आधी रात के बाद हुई इस घटना से पूरे इलाके की रूह कांप गई. रात 12 बजे के बाद जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे, तब बडलूराम के घर से चीख पुकार की आवाज आने लगीं. सन्नाटे में चीखने की आवाजों से हड़कंप मच गया. घर के ही बेटे ने कुल्हाड़ी के वार से मां, पिता, दादी और बहन को मौते के घाट उतार दिया. दो लोग कुल्हाड़ी के हमले से घायल हो गए. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. अंदर का नजारा देख पुलिस भी सिहर गई. घर के अंदर खून ही खून फैला था. इधर-उधर लाशें बिछी हुई थीं. गांव वालों और पुलिस के मुताबिक ये हमला बहुत हिंसक था और शायद किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला.देर रात पहुंची फोरेंसिक की टीम ने घर के बाहर झाड़ियों के पास से उस कुल्हाड़ी को बरामद कर लिया जिससे वारदात को अंजाम दिया गया था.
परिवार के चार लोगों का कत्ल
पुलिस ने बताया कि इस हमले में 82 साल की शिताला, 60 वर्षीय संज देवी, 20 साल की पार्वती और 62 वर्षीय बडलूराम की मौत हो गई है. 40 साल के गुरुदेव और 30 वर्षीय निरंकार गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालत नाजुक देखते हुए दोनों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रिफर किया गया. इस कत्लेआम में सिर्फ एक मासूम बच्चा सुरक्षित मिला, जिसे पुलिस ने अपने संरक्षण में ले लिया.
परिवार में चल रहा था विवाद
पुलिस का कहना है कि परिवार में काफी समय से विवाद चल रहा था. जिस युवक ने इस वारदात को अंजाम दिया वह हरे मानसिक दबाव में था. पुलिस घायलों के होश में आने का इंतजार कर रही है जिससे इस खूनी कांड की असली वजह सामने आ सके. पुलिस का कहना है कि सभी बिन्दुओं पर गम्भीरता पूर्वक विवेचना/साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की जा रही है. मौके पर शान्ति व्यवस्था की स्थिति सामान्य है.
