iran strait of hormuz: मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने घोषणा की है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से उनके जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है. भारत, चीन और रूस के बाद मलेशिया इस सूची में शामिल होने वाला नया देश है, जिससे तेल आपूर्ति और फंसे हुए क्रू मेंबर्स की सुरक्षित वापसी की उम्मीद बढ़ गई है.

iran strait of hormuz: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच दुनिया का अहम समुद्री रास्ता Strait of Hormuz काफी चर्चा में है. इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है. जब इस रास्ते के बंद होने की खबर सामने आई तो कई देशों की चिंता बढ़ गई. इसी बीच एक नई जानकारी सामने आई है. ईरान ने कुछ खास देशों के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है. पहले भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को गुजरने की छूट मिली थी. अब इस सूची में एक और देश का नाम जुड़ गया है.
मलेशिया के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim ने गुरुवार को बताया कि अब मलेशिया से जुड़े जहाजों को भी होर्मुज से गुजरने की अनुमति मिल गई है. उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने कई देशों के नेताओं से बातचीत की थी. इस बातचीत में ईरान के साथ-साथ मिस्र और तुर्की जैसे देशों के नेता भी शामिल थे. इन चर्चाओं के बाद ईरान इस बात पर सहमत हुआ कि मलेशियाई जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने अपने टीवी संबोधन में इस फैसले के लिए ईरान के राष्ट्रपति का धन्यवाद भी किया. उन्होंने कहा कि अब मलेशिया अपने तेल टैंकरों और जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है. इन जहाजों पर काम कर रहे कर्मचारियों को भी सुरक्षित घर वापस लाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि अब जहाज अपनी यात्रा आगे जारी रख सकेंगे और सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मलेशिया लगातार मध्य पूर्व में शांति की कोशिशों में लगा हुआ है. प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के कई देशों से बातचीत की है. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हालात आसान नहीं हैं. उनके अनुसार ईरान को लगता है कि अतीत में उसके साथ कई बार धोखा हुआ है. इसी वजह से वह सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क है और किसी भी समझौते को तुरंत स्वीकार करने में हिचकिचाता है.
दरअसल, 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी थी. इससे कई देशों के जहाज बीच समुद्र में फंस गए थे. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि यह रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है. उनके मुताबिक भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को गुजरने दिया गया है. उनका कहना है कि यह रास्ता केवल दुश्मन देशों के लिए बंद है, जबकि बाकी देशों के जहाज जरूरत पड़ने पर यहां से गुजर सकते हैं.
