उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के सितारगंज थाना क्षेत्र से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, यहां पर एक साथ 40 बच्चों के पीलिया की बीमारी से ग्रसित होने की खबर सामने आई है.
काला पीलिया के लक्षण
जानकारी के मुताबिक, गांव में 40 बच्चों में कमजोरी, सीने में दर्द और तेज बुखार जैसे समान लक्षण थे. सभी के अंदर पीलिया जैसे सामान्य लक्षण थे. जांच करने पर पाया गया कि सभी में काला पीलिया के लक्षण है. मामला तब बिगड़ा जब इलाज के लिए ले जाने के दौरान में 7 वर्षीय अल्तमस की मौत हो गई. अल्तमस की छोटी बहन भी पीलिया की चपेट में है. वहीं, कई बच्चों के अभिभावक उन्हें इलाज के लिए बाहर भी लेकर के गए है.
मोहम्मद रहमान, सुफियान सूरी, मो. जुनेर, मो. अरमान और मुजाहिद जैसे कई बच्चे निजी अस्पताल में भर्ती है. एक साथ 40 बच्चों में काला पीलिया के लक्षण काफी गंभीर स्थिति को दर्शाता है. मामले के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.
पीलिया होने के पीछे के असली कारण
स्वास्थ्य विभाग का कहना हैं कि पीलिया के पीछे की वजह खराब और दूषित खाना-पानी है. इसी कारण से जल संस्थान द्वारा लीकेज पाइपलाइन को तुरंत बंद करवाया गया है. साथ ही आरोप है कि इसकी शिकायत पहले ही की गई थी फिर भी कार्रवाई नहीं की गई है. CMO डॉ. केके अग्रवाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ‘ तुरंत Rapid response में टीम का गठन कर गांव में डेरा डाला है. बच्चों का इलाज और उनकी जांच की जा रही है. पानी के सैंपल को भी लिया गया हैं. जांच की रिपोर्ट के बाद ही कार्रवाई होगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल विभाग को पत्र लिखा गया है और सैंपल लिए गए है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है. पिछले साल भी सितारगंज में बकरीद के मौके के बाद में 150 लोग डायरिया और बुखार से प्रभावित हुए थे.
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