Lucknow New: यूपी में हर दिन लोग 3.35 करोड़ अंडे खाए जाते हैं. ये आंकड़े यूपी को सबसे ज्यादा खपत वाला राज्य बनाते हैं. यूपी के पोल्ट्री फार्मों में 1.80 करोड़ अंडों का प्रोडक्शन होता है. बाकी अंडे हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से आते हैं. इन 5 राज्यों से यूपी में रोज करीब 1.55 करोड़ अंडों की सप्लाई होती है. यह कुल खपत का 46% है.
विदेश में होता है एक्सपोर्ट
दरअसल, इन 5 राज्यों में अंडों पर स्टैंपिंग सिर्फ उन अंडों पर होती है, जिन्हें विदेश में एक्सपोर्ट करना होता है. यूपी में आने वाले अंडों पर कोई स्टैंपिंग नहीं होती. ऐसे में यूपी में अंडे पर प्रोडक्शन और एक्सपायरी डेट लिखने के नियम लागू होते ही दूसरे राज्यों के अंडे मार्केट में बिक नहीं पाएंगे. इससे तय है कि पूरे यूपी में अंडे की शॉर्टेज हो जाएगी.
जानिए वजह
यह भी बताया जा रहा है कि अंडे को अगर 5 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाए, तो इसे 35 से 45 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. 25 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखने पर यही अंडे 14 दिनों तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं. अब प्रोडक्शन और एक्सपायरी डेट मुर्गी के अंडा देने के बाद लिखनी होगी. ऐसे में यह तय करना मुश्किल होगा कि कौन-सा अंडा सीधे मार्केट में जाएगा? कौन-सा अंडा कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा? यही वजह है कि FSDA नियम लागू नहीं कर पा रहा है.
एक्सपायरी को लेकर क्या नियम हैं?
वहीं FSDA के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि यूपी में जिन 5 राज्यों से अंडों की सप्लाई होती है, उनमें हरियाणा सबसे बड़ा सप्लायर है. यूपी में अंडों पर स्टैंपिंग के नियम लागू होने से पहले पंजाब, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा और तमिलनाडु के शासन को लेटर लिखे जाएंगे. इन राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस के बारे में पूछा जा रहा है कि वहां अंडों की एक्सपायरी को लेकर क्या नियम हैं? इन राज्यों से अनुरोध भी किया जाएगा कि वो इस तरह के नियम बनाएं, जिससे अंडों की डिमांड और सप्लाई में कोई अड़चन न आए.
क्या कहा एनईसीसी के सीईओ ने ?
एनईसीसी के सीईओ अजीत सिंह कहते हैं- हमें स्टैंपिंग से कोई आपत्ति नहीं है. हमने अधिकारियों के सामने ये बात रखी थी कि क्या हमारे पास इतने संसाधन हैं कि इसे लागू कर सकें? यूपी में जो बाहर से अंडे आते हैं, उन पर स्टैंपिंग कैसे होगी? स्टैंपिंग सीमित क्षेत्र में होगी और व्यापार राष्ट्रीय स्तर पर होगा, तो इसमें एकरूपता नहीं आ पाएगी. जिस तरह फल और सब्जियों पर स्टैंपिंग नहीं हो सकती, उसी तरह अंडे पर भी नहीं हो सकती. जहां तक रही बात अंडे को चेक करने की, तो सबसे आसान विधि जो महिलाएं आज भी परखने के लिए इस्तेमाल करती हैं. वह है पानी में अंडे को डाल कर देख लें. अगर अंडा पानी में डूब जाता है तो सही और सतह पर ऊपर आ जाता है, तो खराब है. अजीत कहते हैं- कोल्ड स्टोरेज में रखे अंडे के लिए रिटेलर तक पहुंचाने के लिए पूरी चेन होनी जरूरी है. मसलन, कोल्ड स्टोरेज से अंडा रेफ्रिजरेटर वैन से रिटेलर के यहां पहुंचे. यहां भी रेफ्रिजरेटर में रखा जाए.
वहीं इस मामले पर अंडा खरीदने वाले लोगों ने कहा कि एक्सपायरी डेट अंडे पर होनी चाहिए जिससे हमें मालूम चल सके कि हम सही और फ्रेश अंडा खा रहे हैं लेकिन इससे अंडे के रेट भी बढ़ सकते हैं जिससे हमें कोई दिक्कत नहीं है हमें शुद्ध चीज चाहिए लेकिन ख्याल सभी का रखना होगा कि दुकानदारों का भी नुकसान ना हो और ज्यादा रेट भी ना बढ़ें.
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