Nifty 50 crosses 23000: निफ्टी 50 ने 23,000 के स्तर को दोबारा पार कर बाजार में मजबूती के संकेत दिए हैं, जिससे विशेषज्ञों को लंबी अवधि में 27,000 तक पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि 23,400 का रेजिस्टेंस पार करना जरूरी होगा, निवेशकों को फिलहाल गिरावट पर धीरे-धीरे निवेश करने की सलाह दी गई है.

Nifty 50 crosses 23000: शेयर बाजार में इन दिनों फिर से तेजी देखने को मिल रही है. निफ्टी 50 ने मजबूत वापसी करते हुए 23,000 का स्तर दोबारा पार कर लिया है. मंगलवार को यह 23,100 के ऊपर पहुंच गया. बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. हालांकि कुछ कंपनियों के तिमाही नतीजे कमजोर रहे हैं. इसके बावजूद बाजार में खरीदारी जारी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी नीचे के स्तर से मजबूत खरीदारी का संकेत देती है.
ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी के अनुसार, निफ्टी के टेक्निकल संकेत अभी पॉजिटिव दिख रहे हैं. डेली चार्ट पर RSI तेजी का इशारा कर रहा है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि अभी यह शुरुआती संकेत हैं. असली मजबूती तब मानी जाएगी जब निफ्टी 23,100 से 23,400 के दायरे में बना रहेगा. अगर यह स्तर कायम रहता है, तो बाजार में ट्रेंड बदलने की पुष्टि हो सकती है.
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. निफ्टी एक सीमित दायरे में घूमता नजर आ सकता है. लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बेहतर होती दिख रही है. शॉर्ट टर्म में बाजार का स्ट्रक्चर मिला-जुला है. वहीं लॉन्ग टर्म में तस्वीर मजबूत होती नजर आ रही है. 22,200 के आसपास से आई रिकवरी यह बताती है कि बिकवाली का दबाव अब कम हो रहा है और बाजार धीरे-धीरे अपना बेस बना रहा है.
अगर बाजार में कमजोरी आती है, तो 22,000 से 21,700 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है. इस स्तर के नीचे गिरावट होने पर निफ्टी और नीचे जा सकता है. ऐसी स्थिति में 20,000 तक का स्तर भी देखने को मिल सकता है. हालांकि फिलहाल यह केवल एक निगेटिव संभावना है. वहीं अगर बाजार ऊपर की ओर बढ़ता है और रेजिस्टेंस पार करता है, तो तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निफ्टी मजबूत बना रहता है, तो आगे चलकर यह 27,000 के स्तर तक पहुंच सकता है. ICICI सिक्योरिटीज का भी मानना है कि वैश्विक हालात के बावजूद निफ्टी अपेक्षाकृत सुरक्षित है. तेल बाजार में थोड़ी दिक्कत का असर ज्यादा नहीं पड़ेगा. हालांकि जियो-पॉलिटिकल जोखिम के कारण वैल्यूएशन थोड़ा दबाव में रह सकता है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि जल्दबाजी न करें. धीरे-धीरे निवेश करें और लंबी अवधि पर ध्यान रखें.
