मेरठ के सदर बाजार में चार महीने से बंद घर से युवती का सड़ा-गला शव मिला. पिता ने अपनी बेटी की मौत के बाद उसके साथ महीनों रहा. पढ़िए पूरा मामला
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. यहां एक पिता अपनी ही बेटी की मौत को स्वीकार नहीं कर पाया और 5 महीने तक उसकी लाश के साथ उसी घर में रहता रहा. समय बीतता गया, लेकिन पिता का मोह नहीं टूटा और बेटी का शव धीरे-धीरे कंकाल में बदल गया.
कहां का ये मामला?
मामला सदर बाजार थाना क्षेत्र का है. यहां उदय भानु नामक व्यक्ति ने अपनी 34 वर्षीय बेटी प्रियंका के शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे घर में ही रखा हुआ था. समय बीतने के साथ शव कंकाल में तब्दील हो चुका था. घर के अंदर कूड़े का ढेर लगा था और बदबू को छिपाने के लिए बड़ी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि प्रियंका एक कंप्यूटर टीचर थी और उसकी मौत करीब 5 महीने पहले काला पीलिया (जॉन्डिस) के कारण हुई थी. पिता उदय भानु ने पुलिस को बताया कि वह बेटी का इलाज झाड़-फूंक से करा रहा था, लेकिन उसकी तबीयत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई. इसके बाद वह करीब 2 महीने तक शव के साथ घर में रहा और फिर देहरादून चला गया. हाल ही में वापस लौटने पर भी उसने शव को घर में ही रखा.
जानिए कैसे हुआ घटना का खुलासा?
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब रिश्तेदारों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब घर का दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.जांच में यह भी सामने आया है कि 2013 में प्रियंका की मां ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद से ही परिवार में मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी. पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. यह घटना रिश्तों के एक बेहद विचलित कर देने वाले पहलू को सामने लाती है, जहां एक पिता का मोह उसे हकीकत से दूर ले गया.
सीओ नवीन शुक्ला ने क्या बताया?
सीओ नवीन शुक्ला ने बताया कि 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. प्रियंका को काला पीलिया हो गया था. वह उसका झाड़-फूंक कराते थे, लेकिन उसकी सेहत में सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई. वह करीब 2 महीने तक उसके शव के साथ रहा. इसके बाद वह देहरादून चला गया. कुछ समय पहले ही वह देहरादून से वापस लौटा था. उस समय तक प्रियंका का शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था.
पिता की मानसिक स्थिति
शुरुआती जांच में लग रहा है कि पिता अपनी बेटी की मौत के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसे जीवित मानकर उसकी सेवा करता रहा.
