Akhilesh Yadav Ashutosh Ranka Meeting: अखिलेश यादव से मुलाकात पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तोड़ी चुप्पी, बताया यूपी चुनाव और युवाओं के मुद्दों को लेकर क्या है आगे का प्लान.

Akhilesh Yadav Ashutosh Ranka Meeting: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले लखनऊ की सियासत अचानक तेज हो गई है. हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई. इस लंबी मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि क्या दोनों के बीच किसी चुनावी तालमेल की खिचड़ी पक रही है. इस पूरे मामले पर अब खुद आशुतोष रांका ने सामने आकर आजतक से खास बातचीत की है और इस मुलाकात के असल सियासी मायने साफ किए हैं.
शिष्टाचार मुलाकात थी, कोई राजनीतिक डील नहीं
आशुतोष रांका ने साफ किया कि अखिलेश यादव से उनकी बातचीत पूरी तरह से एक शिष्टाचार मुलाकात थी. उन्होंने बताया कि एक संगठन के तौर पर वे अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं और सांसदों से मिलते रहते हैं. इसमें बीजेपी के भी कई बड़े नेता शामिल हैं. अखिलेश यादव से मिलने का मुख्य कारण जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान सपा नेताओं द्वारा दिए गए समर्थन के लिए उनका आभार जताना था. आंदोलन के समय डिंपल यादव समेत सपा के कई नेताओं ने युवाओं की आवाज को जोर-शोर से उठाया था. रांका ने डेढ़ घंटे तक हुई गुप्त बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक करने से मना कर दिया, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि CJP अभी किसी भी पार्टी के साथ कोई राजनीतिक गठबंधन नहीं करने जा रही है.
पार्टी नहीं, प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगा संगठन
रांका ने CJP के भविष्य की दिशा तय करते हुए कहा कि उनका संगठन चुनाव लड़ने वाली कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगा. इसके बजाय वे एक मजबूत राजनीतिक प्रेशर ग्रुप (दबाव समूह) के रूप में काम करते रहेंगे. उनका मुख्य मकसद हर राजनीतिक दल को युवाओं के प्रति जवाबदेह बनाना है. रांका के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में CJP के दबाव के कारण ही प्रधानमंत्री को खुद सोशल मीडिया पर युवाओं से संवाद करना पड़ा और संसद में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस हुई. वे देश की राजनीति को जाति, धर्म और पहचान के झगड़ों से बाहर निकालकर असली मुद्दों पर लाना चाहते हैं.
‘जो बुलाएगा उससे मिलेंगे, योगी जी से भी परहेज नहीं’
CJP प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उनके संगठन की किसी भी राजनीतिक दल या नेता से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. वे युवाओं के हित में हर उस शख्स से बात करने को तैयार हैं जो उनके मुद्दों को सुनेगा. रांका ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें राज्य में शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य पर बात करने के लिए बुलाते हैं, तो वे उनसे भी जरूर मिलेंगे. CJP पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा जता चुकी है. उनका कहना है कि युवाओं की लड़ाई उनके लिए किसी भी पार्टी के एजेंडे से बहुत ज्यादा बड़ी है.
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान हुए हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर भी रांका ने अपनी राय रखी. उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही गंभीर सवाल भी खड़े किए. रांका ने कहा कि यह गिरफ्तारी दो महीने पहले ही हो जानी चाहिए थी. आरोपी खुलेआम घूमकर धमकियां दे रहा था और वीडियो बना रहा था. उन्होंने आशंका जताई कि क्या आरोपी को कोई राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था, जिसके चलते पुलिस ढिलाई बरत रही थी. रांका ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.
चुनावी माहौल में युवाओं के मुद्दों पर रहेगा पूरा जोर
उत्तर प्रदेश के आने वाले चुनावों को लेकर CJP ने अपनी रणनीति बिल्कुल साफ कर दी है. रांका ने कहा कि उनका संगठन किसी भी खास पार्टी के समर्थन या विरोध में माहौल नहीं बनाएगा. वे केवल युवाओं की मांगें पूरी करवाने के लिए हर दल पर दबाव बनाएंगे. राज्य के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारना, कॉलेजों में बेहतर सुविधाएं दिलाना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और समय पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराना उनकी प्राथमिकताएं हैं. जो भी पार्टी चुनाव के दौरान युवाओं के इन मुद्दों को अपने घोषणापत्र में गंभीरता से शामिल करेगी, युवाओं का समर्थन कुदरती तौर पर उसी की तरफ बढ़ेगा.
