UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर भारत निर्वाचन आयोग ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में स्पष्ट तौर पर घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अपने तय समय पर ही संपन्न कराए जाएंगे. बता दें, यूपी सहित पांच राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल खत्म हो रहा है. यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई तक है, जबकि उत्तराखंड, पंजाब, गोवा सहित अन्य राज्यों का कार्यकाल 28 मार्च के पहले खत्म हो रहा है। इन राज्यों के चुनाव अमूमन फरवरी-मार्च में ही होते हैं.
संवैधानिक प्रक्रिया को मिलेगी प्राथमिकता
फरवरी 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले जनगणना (Census) के तीसरे चरण और विधानसभा चुनाव के एक साथ टकराने की संभावना पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्थिति स्पष्ट की. ज्ञानेश कुमार ने कहा, “जनगणना एक कानूनी प्रक्रिया है, जबकि विधानसभा चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया है. उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि चूंकि चुनाव एक संवैधानिक ढांचा है, इसलिए इसे सबसे पहली प्राथमिकता दी जाएगी.
फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव प्रस्तावित
समय सारणी और पिछले चुनावी इतिहास (2017 और 2022) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होने प्रस्तावित हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 22 मई 2027 तक नई सरकार का गठन और चुनाव संपन्न कराना एक सांविधानिक अनिवार्यता (बाध्यता) है, जिसे आयोग हर हाल में समय पर पूरा करेगा.
‘वोटर्स का चुनावी व्यवस्था पर गहरा भरोसा’
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR से लेकर चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रिया संविधान और चुनाव से जुड़े कानूनों के तय नियमों के तहत ही आगे बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रेकॉर्ड मतदान साबित करता हैं कि देश के मतदाताओं का चुनावी व्यवस्था पर गहरा भरोसा है.
घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीट पर अब उपचुनाव नहीं
यूपी में विधायकों के निधन के कारण खाली हुई मऊ की घोसी, सोनभद्र की दुद्धी और बरेली की फरीदपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव नहीं होंगे. चुनाव आयोग का कहना है कि विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम बचा है, इसलिए अब चुनाव करवाने का कोई औचित्य नहीं बनता है. मऊ की घोसी सीट 20 नवंबर 2025 को सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद खाली हुई थी. इसके बाद बरेली की फरीदपुर सीट भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल के और सोनभद्र की दुद्धी सीट भी सपा विधायक विजय सिंह गेंड के 8 जनवरी को निधन के बाद रिक्त हो गई थी.
आगे बढ़ेगी जनगणना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ संकेत दिया कि यदि दोनों कार्यक्रमों में कोई टकराव की स्थिति बनती है, तो आवश्यकता पड़ने पर जनगणना के कार्यक्रम में बदलाव किया जा सकता है और उसकी अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत होने वाले विधानसभा चुनाव अपने नियत और तय समय पर ही आयोजित किए जाएंगे.
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