CM Yogi Adityanath Lucknow speech September: लखनऊ में अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने गाय को जानवर कहने वालों को पशु बुद्धि का शिकार बताया और राम भक्तों को कालनेमि जैसे लोगों से सावधान रहने की हिदायत दी.

CM Yogi Adityanath Lucknow speech September: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. लखनऊ में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह आयोजित हुआ था. इस कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को कालनेमि जैसे छद्म लोगों से सावधान रहने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि जो लोग राम मंदिर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे सतर्क रहना बेहद जरूरी है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो कभी राम मंदिर निर्माण के खिलाफ थे, वे आज खुद को बड़ा राम भक्त दिखाने की होड़ में लगे हैं. सीएम योगी ने इसे वैचारिक रूप से विहिप और राम भक्तों की सबसे बड़ी जीत करार दिया.
‘गाय को जानवर कहने वाले खुद पशु बुद्धि के शिकार’
मुख्यमंत्री ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले नेताओं पर भी करारा तंज कसा. उन्होंने कहा कि कुछ नकलची नेता इन दिनों ज्ञापन देने में जुटे हुए हैं. सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग गाय को जानवर समझते हैं, वे खुद पशु जैसी बुद्धि रखते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि गाय हमारे लिए महज एक प्राणी नहीं, बल्कि साक्षात हमारी माता है. गाय के साथ देश का एक अटूट और सनातन काल से चला आ रहा शाश्वत संबंध है. उन्होंने प्रदेश की जनता से व्यक्तिगत स्तर पर गौ सेवा और गौ पालन से जुड़ने का खास आह्वान भी किया.
‘राम के रास्ते में घुसपैठ कर रहे कालनेमि जैसे लोग’
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए सीएम योगी ने उन्हें ‘बाबरी भक्त’ की संज्ञा दे डाली. उन्होंने कहा कि राम भक्तों को उन छद्म वेशधारियों को पहचानने की जरूरत है जो आंदोलन में सेंधमारी करने की फिराक में रहते हैं. रामायण के पात्र कालनेमि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह उसने हनुमान जी को धोखा देने का दुस्साहस किया था, ठीक उसी तरह कुछ लोग आज राम भक्तों को भ्रमित कर रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे बाबरी समर्थकों और घुसपैठियों की किसी भी साजिश को कतई कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.
कांग्रेस के पुराने रुख पर उठाए गंभीर सवाल
समारोह के मंच से योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बाकायदा हलफनामा दाखिल करके भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व को नकार दिया था. उन्होंने कहा कि अयोध्या ने लगभग 475 वर्षों तक उपेक्षा और अपमान का दंश झेला है. साल 2017 से पहले अयोध्या में सड़कों, सफाई, बिजली और मूलभूत नागरिक सुविधाओं की भारी दुर्दशा थी. लेकिन बीजेपी सरकार बनते ही ‘राम की पैड़ी’ को भव्य रूप देकर हरिद्वार की ‘हर की पैड़ी’ की तर्ज पर विकसित किया गया.
‘रामद्रोही नहीं पचा पा रहे अयोध्या का विकास’
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में हो रहे इस ऐतिहासिक बदलाव और विकास को रामद्रोही पचा नहीं पा रहे हैं. यही वजह है कि वे आए दिन तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर अयोध्या की साख को बट्टा लगाने की नाकाम कोशिश करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि विरोधी आगे भी इस तरह के प्रपंच रचते रहेंगे, लेकिन सत्य को झुठलाया नहीं जा सकता. उन्होंने अशोक सिंघल के पराक्रम को याद करते हुए कहा कि 1990 में जब तत्कालीन राज्य सरकार ने निहत्थे राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, तब अशोक सिंघल ही शेर की तरह दहाड़कर मैदान में डटे रहे थे.
राम भक्तों से की सतर्क रहने की अपील
भाषण के आखिरी में मुख्यमंत्री ने सभी सनातन धर्मावलंबियों और राम भक्तों से एकजुट रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनके बताए रास्ते पर चलकर ही राम राज्य की संकल्पना को साकार किया जा सकता है. सीएम योगी ने दोहराया कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान की यह यात्रा अब रुकने वाली नहीं है. विरोधियों के षड्यंत्रों को नाकाम करते हुए देश और प्रदेश निरंतर विकास और अपनी विरासत को सहेजने के पथ पर तेजी से आगे बढ़ता रहेगा.
