उत्तर प्रदेश के बिजनौर से बड़ा मामला सामने आया है. दरअसल, यहां पर कुछ आरोपियों ने एक 69 वर्षीय बुजुर्ग के अकेलेपन का यूज कर उसे हनीट्रैप में फंसाया. बुजुर्ग से कई सारे पैसे भी लूटे गए. हालांकि, अभी तक सभी आरोपियों को पकड़ा नहीं गया है. मामला कोतवाली शहर क्षेत्र का बताया जा रहा है
जानकारी के अनुसार पीड़ित बुजुर्ग विरेन्द्र भटनागर डेटिंग ऐप के जरिए बेबी नाम की एक प्रोफाइल पर गया. हालांकि, बेबी नाम की प्रोफाइल को कोई लड़की नहीं एक समीर नाम का युवक चला रहा था. हालांकि, सच्चाई को छिपाने के लिए आरोपियों में से एक लड़की आरोपी ने बुजुर्ग से बातें भी की, जिससे की शक न हो.
पूरा भरोसा दिलाने के बाद आरोपियों ने उन्हें अपने तय स्थान पर मिलने के लिए बुलाया. 17 अप्रैल के दिन जब विरेंद्र भटनागर मिलने के लिए गया, तो मोनिश नाम का आरोपी उन्हें सुनसान फार्म हॉउस में लेकर गया. फार्म हॉउस में पूरा गिरोह घात लगाकर बैठा हुआ था,.
आरोपियों ने बुजुर्ग को पहले ढंग से पीटा. उसके बाद में उनके पहने हुए सारे सोने के जेवर को उतरवा दिया. अंत में आरोपियों ने बुजुर्ग के फोन को छिना और फोन-पे एप का पासवर्ड लेकर 65000 रुपये अपने खाते में डलवाएं.
18 अप्रैल के दिन में पीड़ित के बेटे विशाल भटनागर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत बीएनएस की धारा 309(6) के तहत में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की.
तकनीकी सबूतों और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन को ट्रैक किया, जिसके बाद चार आरोपी- मोनिश, समीर, आकिल और अनस को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके पास से लूटी गई सभी चीजों और 42380 नकदी को बरामद किया गया. हालांकि, अभी फरहान और फरदीन पुलिस के चंगुल से बाहर है. बता दें कि यह पूरा गिरोह अमीर बुजुर्गों को अपने जाल में फंसाने का काम करता था.
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