IT Action On Azam Khan: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की कानूनी और वित्तीय मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले आजम खान के पारिवारिक ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ को आयकर विभाग (लखनऊ) ने ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ियों, कर चोरी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में ये नोटिस भेजा गया है. इस नोटिस के बाद ट्रस्ट पर भारी जुर्माना और करोड़ों रुपये के टैक्स असेसमेंट की तलवार लटक गई है.
सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ साल पहले हुए तफ्तीश के दौरान काफी महत्वपूर्ण सबूत और दस्तावेज मिले थे. उन्हीं दस्तावेजों और जब्त सबूतों के आधार पर तफ्तीश का दायरा बढ़ा था. पूर्व मंत्री एवं सपा के कद्दावर नेता आजम खां और उनके करीबियों के ठिकानों पर हुई इनकम टैक्स विभाग की सर्च ऑपरेशन कार्रवाई हुई थी. इस कार्रवाई के बाद करीब 450 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया था.
इस मामले में पहले भी 4 दिसंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. ट्रस्ट की ओर से 28 मार्च 2026 और 9 जून 2026 को जवाब दाखिल किए गए तथा व्यक्तिगत सुनवाई भी हुई, जिन पर विभाग ने विचार किया है. अब विभाग ने ट्रस्ट से संबंधित विभिन्न सरकारी विभागों और प्राधिकरणों से प्राप्त सूचनाओं तथा चल रही जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. मामले में अंतिम निर्णय विभाग द्वारा ट्रस्ट के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लिया जाएगा.
शर्तों के उल्लंघन में पहले ही छिन चुकी है 70 हेक्टेयर जमीन
गौरतलब है कि आजम खान वर्तमान में सीतापुर जेल में बंद हैं और उनके ट्रस्ट के खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर बड़ा एक्शन लेते हुए जौहर ट्रस्ट को मामूली दर पर लीज पर दी गई रामपुर की मुर्तजा स्कूल वाली बिल्डिंग और करीब 70 हेक्टेयर सरकारी जमीन को लीज की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में वापस अपने कब्जे में ले लिया था। अब आयकर विभाग के इस ताजा नोटिस ने समाजवादी पार्टी के इस कुनबे की वित्तीय कमर पूरी तरह तोड़ दी है, जिस पर फिलहाल ट्रस्ट के कानूनी सलाहकारों या सपा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
