Karnaprayag News: उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत आने वाले कर्णप्रयाग और सीमावर्ती रुद्रप्रयाग जिले में पिछले कुछ दिनों से उपजे सांप्रदायिक और स्थानीय तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. कर्णप्रयाग में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. चमोली जिले के कर्णप्रयाग में जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है. यह फैसला हाल ही में स्थानीय लोगों और निहंग श्रद्धालुओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद एहतियात के तौर पर लिया गया है. चमोली जिले की सीमाओं पर प्रशासन ने बेरियर लगा दिए हैं. आईटीबीपी, और पुलिस के द्वारा की सघन चैकिंग की जा रही है.
BNSS की धारा 163 लागू
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है. बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग के बेहद संवेदनशील पड़ाव कर्णप्रयाग में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए उप-जिला मजिस्ट्रेट ने पूरे परगना क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जिसे पहले धारा 144 कहा जाता था) लागू कर दी है. यह आदेश 20 जून 2026 की शाम 7 बजे से आगामी 27 जून 2026 तक पूरी तरह प्रभावी .
गुरुद्वारे में बवाल के बाद स्थिति तनावपूर्ण
स्थानीय सूत्रों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे को लेकर अचानक तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. आरोप है कि हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंग सिख श्रद्धालु गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और परिसर पर नियंत्रण का प्रयास किया. जिसका विरोध करने पर गुरुद्वारे के सेवादार और स्थानीय लोगों के साथ मारपीट की घटना सामने आई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन ने तुरंत मौके पर भारी पुलिस बल के साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के दो दर्जन से अधिक जवानों को तैनात कर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है.
इंटरनेट सेवा बंद
संवेदनशील स्थिति को देखते हुए और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. पुलिस कप्तानों ने स्थानीय जनता और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें.
जानिए क्या रहेंगी पाबंदियां?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कर्णप्रयाग और आस-पास के क्षेत्रों में अमन-चैन बिगाड़ने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा. इस धारा के लागू होने पर जो पाबंदियां रहेंगी वो हैं… किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति के कोई भी जुलूस, धरना, रैली, विरोध प्रदर्शन या सार्वजनिक सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी. सार्वजनिक रूप से लाठी, डंडा, तेज धारदार हथियार, आग्नेयास्त्र या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा सोशल मीडिया या लाउडस्पीकर के माध्यम से जातिगत या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भड़काऊ भाषण और नारेबाजी पर पूरी तरह रोक है.
हालात पर नजर
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. पुलिस और स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं.
