Iran Nuclear Program Update: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि दोबारा हमले की स्थिति में वह यूरेनियम को 90% तक शुद्ध करेगा, जो परमाणु हथियार बनाने के लिए काफी है. पिछले हमलों के बावजूद ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मजबूती और उसके 14 सूत्रीय प्रस्ताव ने मिडिल ईस्ट में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है.

Iran Nuclear Program Update: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को एक बड़ी चेतावनी दी है. ईरानी संसद के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा है कि अगर दोबारा हमला किया गया तो ईरान यूरेनियम को 90 प्रतिशत तक शुद्ध करने का फैसला ले सकता है. माना जाता है कि इतनी ज्यादा शुद्धता वाला यूरेनियम परमाणु हथियार बनाने के काम आ सकता है. रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर हालात और बिगड़े तो इस मुद्दे पर संसद में भी चर्चा की जाएगी. उनके इस बयान के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है.
दरअसल पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले किए थे. उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि इन हमलों में ईरान के परमाणु केंद्र पूरी तरह तबाह हो गए हैं. अमेरिका का कहना था कि इससे ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है. हालांकि अब भी यह साफ नहीं हो पाया है कि ईरान के पास मौजूद करीब 400 किलोग्राम हाईली एनरिच्ड यूरेनियम का क्या हुआ. यही वजह है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार चिंता जता रहे हैं.
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि जब तक ईरान के पास मौजूद इस संवर्धित यूरेनियम को खत्म नहीं किया जाता या देश से बाहर नहीं भेजा जाता, तब तक उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह कमजोर नहीं होगा. इसी मुद्दे को लेकर अमेरिका और इजरायल ने फरवरी में ईरान पर हमला किया था. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच अस्थायी युद्धविराम लागू है. लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह शांत नहीं माने जा रहे. दोनों देशों के बीच बातचीत में सबसे बड़ा विवाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर ही बना हुआ है.
ईरान का कहना है कि परमाणु मुद्दों पर बाद में चर्चा हो सकती है. वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान पहले अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को देश से बाहर भेजे और घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन बंद करे. इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने भी अमेरिका को सख्त संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव को मानने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. गालिबाफ ने कहा कि जितनी देरी होगी, अमेरिका को उतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.
ईरानी नेताओं के लगातार आक्रामक बयानों से यह साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी कम होने वाला नहीं है. ईरान की सेना भी लगातार कह रही है कि वह हर स्थिति का जवाब देने के लिए तैयार है. गालिबाफ ने दावा किया कि अगर किसी तरह का नया हमला हुआ तो ईरान ऐसा जवाब देगा जिसकी अमेरिका ने कल्पना भी नहीं की होगी. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव पर टिकी हुई है.
