Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रमजान के पवित्र महीने के दौरान लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति को लेकर विवाद सामने आया है. सदर क्षेत्र में धार्मिक कार्यक्रमों के लिए लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन जिलाधिकारी (डीएम) ने इस अर्जी को खारिज कर दिया है.प्रशासन के इस फैसले के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.
जानें पूरा मामला क्या
मिली जानकारी के अनुसार, रमजान माह में नमाज और धार्मिक आयोजनों के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए सदर क्षेत्र से जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया था.आवेदन में तय समय और सीमित ध्वनि स्तर पर लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई थी, ताकि धार्मिक गतिविधियों में सहूलियत मिल सके.
डीएम ने क्यों किया आवेदन खारिज?
जिलाधिकारी ने आवेदन पर विचार करते हुए साफ कहा कि वर्तमान नियमों और शासन के निर्देशों के अनुसार नई लाउडस्पीकर अनुमति नहीं दी जा सकती. डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना अनिवार्य है. इसी आधार पर सदर क्षेत्र से आई अर्जी को अस्वीकार कर दिया गया.
प्रशासन बोला ‘नो परमीशन’
जिला प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का लाउडस्पीकर लगाना गैरकानूनी होगा.यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि नियमों के तहत लिया गया निर्णय है.
स्थानीय स्तर पर बढ़ी हलचल
डीएम के फैसले के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और चर्चा दोनों देखने को मिल रही हैं. कुछ लोगों का कहना है कि रमजान जैसे पवित्र महीने में थोड़ी राहत दी जानी चाहिए थी, वहीं प्रशासन समर्थकों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और नियमों का पालन जरूरी है.
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
जिला प्रशासन ने सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए.
