Punjab Elections 2026: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP ने मौर से विधायक सुखवीर मैसरखाना को पार्टी से निकाल दिया है. अपनी सरकार पर शिक्षकों की कमी के आरोप लगाने के बाद पार्टी ने उन पर झूठी अफवाह फैलाने का आरोप लगाया.

Punjab Elections 2026: पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है. पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में अपने ही विधायक सुखवीर मैसरखाना को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. मौर विधानसभा सीट से विधायक मैसरखाना पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने, झूठी अफवाहें फैलाने और संगठन की छवि धूमिल करने के गंभीर आरोप लगे हैं. यह कार्रवाई उस समय हुई है जब उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.
सोशल मीडिया लाइव के दौरान भावुक हुए विधायक सुखवीर मैसरखाना
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक मैसरखाना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से करीब 14 मिनट का लाइव वीडियो जारी किया. इस वीडियो में उन्होंने अपने हलके के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया. बात करते-करते विधायक इतने भावुक हो गए कि उन्होंने सीधे अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया. उन्होंने दावा किया कि वे लंबे समय से मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनीष सिसोदिया के सामने यह मुद्दा उठा रहे थे. इसके बावजूद किसी भी नेता ने उनकी एक न सुनी.
‘बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं’, बुर्ज सहीमा गांव का भी उठाया मुद्दा
वीडियो के दौरान मैसरखाना ने अपने बच्चों और क्षेत्र के विद्यार्थियों की पढ़ाई का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि स्कूल की प्रिंसिपल भी उनसे स्टाफ पूरा कराने की गुहार लगाती हैं. विधायक ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक करियर या टिकट के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं. पार्टी चाहे तो उनका टिकट काट दे. इसके अलावा उन्होंने बुर्ज सहीमा गांव के सरकारी स्कूल का दर्जा न बढ़ाए जाने पर भी अपनी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
स्कूल में 25 शिक्षकों की मौजूदगी पर खड़ा हुआ नया विवाद
विधायक द्वारा उठाए गए इस गंभीर मुद्दे के बाद एक नया मोड़ सामने आया. रिपोर्टों के अनुसार, जिस स्कूल का जिक्र विधायक ने अपने वीडियो में किया था, वहां पहले से ही 25 शिक्षक तैनात हैं. हालांकि, इस बात को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है कि शिक्षकों की यह संख्या पर्याप्त थी या विशेष विषयों के शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए थे. इसी बात को आधार बनाते हुए पार्टी ने उन पर भ्रामक और झूठी जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है.
बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने साधा पंजाब सरकार पर निशाना
विधायक के इस लाइव वीडियो के सामने आते ही विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए एक बड़ा सियासी मुद्दा मिल गया. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने आम आदमी पार्टी पर करारा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी पार्टी के अपने विधायक की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता और विद्यार्थियों की बात कौन सुनेगा? बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत सभी खाली पड़े पदों को भरने और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर जवाब देने की मांग की.
चुनाव से पहले गरमाई राजनीति, निष्कासन पर सवाल बरकरार
अपनी ही सरकार के शिक्षा मॉडल की पोल खोलने के बाद आम आदमी पार्टी ने सुखवीर मैसरखाना को पार्टी से निष्कासित कर दिया. पार्टी का कहना है कि उन्होंने संगठन की साख को नुकसान पहुंचाने का काम किया है. हालांकि, इस कड़ी कार्रवाई को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. चुनाव से ठीक पहले एक सीटिंग विधायक पर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में नए सिरे से गरमाहट ला दी है.
