Akhilesh Yadav Chawanni Remark: इस लेख में जानिए अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर RLD नेता दिलनवाज खान का कड़ा ऐतराज, सपा सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल और बागपत सम्मेलन की पूरी कहानी.

Akhilesh Yadav Chawanni Remark: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है. हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘चवन्नी को रुपया बनाने’ को लेकर एक बयान दिया था. इस बयान पर अब राष्ट्रीय लोकदल यानी RLD ने कड़ा ऐतराज जताया है. बागपत में आयोजित अल्पसंख्यक सम्मेलन में RLD के नेताओं ने अखिलेश यादव पर सीधा और तीखा हमला बोला.
सपने में आते हैं चौधरी साहब
बागपत के पलड़ी गांव में RLD अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का एक बड़ा सम्मेलन हुआ था. इस कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए RLD नेता दिलनवाज खान ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को आजकल सपने में चौधरी चरण सिंह दिखाई दे रहे हैं. इसी घबराहट की वजह से वे इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि कुछ भी बोलने से पहले शब्दों का ध्यान रखना चाहिए.
सपा केवल वोट बैंक मानती है
RLD नेता ने समाजवादी पार्टी की नीतियों पर भी कई सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सपा मुस्लिम और अल्पसंख्यक समाज को सिर्फ एक वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती आई है. जब भी चुनाव आते हैं तो सपा नेता एनडीए का डर दिखाकर अल्पसंख्यकों का वोट हासिल करने की कोशिश करते हैं. लेकिन अब जनता इस सच्चाई को पूरी तरह समझ चुकी है.
एनडीए में ही सुरक्षित है हित
दिलनवाज खान ने दावा किया कि अल्पसंख्यक समाज की भलाई और सुरक्षा केवल RLD और एनडीए के साथ ही संभव है. उन्होंने सम्मेलन में आए सभी लोगों से एकजुट होने की बात कही. साथ ही अपील की कि लोग RLD के साथ मजबूती से खड़े हों ताकि समाज का सही विकास हो सके.
पुरानी सरकार की व्यवस्था पर सवाल
सम्मेलन के दौरान अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए बीते दौर की भी चर्चा हुई. RLD नेता ने उस समय की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने उस कार्यकाल को गुंडों के राज से जोड़ते हुए कहा कि उस वक्त स्थिति बहुत खराब थी. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है और समाज के हित में काम कर रही है.
संगठन को मजबूत करने पर जोर
इस सम्मेलन में RLD के कई बड़े नेता और स्थानीय कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान पार्टी संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने पर लंबी चर्चा हुई. इसके अलावा अल्पसंख्यक समाज को पार्टी से जोड़ने और आने वाले चुनावों की तैयारियों को लेकर भी रणनीति तैयार की गई.
