पंजाब के जालंधर में शिवसेना नेता दीपक कंबोज के घर नए साल के दिन एक बड़ी घटना हो गई है. दरअसल, उनकी 22 साल की बेटी का जन्मदिन के दिन बाथरूम में दम घुटने से मौत हो गई . बेटी का नाम मुनमुन चितवान था. मुनमुन का बर्थडे न्यू ईयर वाले दिन ही आता था. एक तरफ उनके घर में नए साल और जन्मदिन की खुशियों की तैयारियां चल रहीं थी तो अगले ही पल उनके घर में मातम का माहौल छा गया.
जन्मदिन के दिन छाया मातम
मामले की जानकारी के अनुसार बेटी अपने जन्मदिन की हो रही तैयारियों के बीच नहाने गई थी, जिसके बाद बाथरूम में लगा गीजर किसी तकनीकी वजह से खराब हो गया. इसके कारण गीजर से गैस लीक होने लगी थी. गीजर से गैस के लीक होने और बाथरूम बंद होने के कारण मुनमुन को सांस लेने में दिक्कत हुई और वह बेहोश हो गई. काफी देर तक गैस के बीच रहने के कारण उसका दम घुट गया और उसकी मौत हो गई. परिवार वालों को जब गैस बाहर निकलते हुए दिखाई दी तो उन्होंने बाथरूम के गेट को खटखटाया. मुनमुन के जवाब न देने के बाद उस गेट को तोड़ा गया. बेहोश हुई मुनमुन को परिवार वालों ने काफी देर तक उठाने की कोशिश की लेकिन जब कोई भी हलचल नहीं हुई तो उसे हॉस्पिटल लेकर जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा की गई शुरूआती जांच में मुनमुन की मौत दम घुटने की वजह से हुई है. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो पाएगा. परिवार वालों का इस घटना के बाद रो-रो कर बुरा हाल है. शिवसेना नेता दीपक कंबोज का कहना है कि मुनमुन के जन्मदिन के लिए काफी खास इंतजाम किया गया था. साथ ही साथ बड़ी संख्या में मेहमानों को भी बुलाया गया था. ऐसे अवसर में उसका जाना काफी कष्टदायक है. पुलिस सभी ऐंगल से मामले की जांच कर रही हैं.
गीजर कैसे बनता है मौत की वजह?
गीजर में LPG या नेचुरल गैस की जरूरत होती है और इसे जलने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है. अगर बंद बाथरूम में गीजर चलाया जाता है तो वह वहां मौजूद ऑक्सीजन को खींच कर कार्बनमोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों को बनाने लगता है. इस गैस में किसी तरह का रंग औऱ बदबू न होने की वजह से लोगों को इसका पता नहीं लग पाता है और वह हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन के साथ मिल के दिमाग में ऑक्सीजन पहुंचाना बंद कर देता है. इससे व्यक्ति को पता नहीं चलता है और बेहोश होने के बाद उसकी मौत हो जाती है.
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