sukhbir singh badal pm modi meeting: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सुखबीर सिंह बादल ने महिला आरक्षण और नए परिसीमन बिल को समर्थन देने का फैसला किया, जिससे पंजाब में बीजेपी-अकाली गठबंधन के दोबारा बनने के संकेत मिल रहे हैं.

sukhbir singh badal pm modi meeting: पंजाब चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है. शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के फिर से एक साथ आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसकी वजह सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 7 अगस्त को हुई मुलाकात है. इस बैठक के तुरंत बाद अकाली दल ने केंद्र के महिला आरक्षण बिल और नए परिसीमन प्रस्ताव को समर्थन देने की घोषणा कर दी. दोनों पुराने सहयोगियों के बीच फिर से गठबंधन के कयास लगाए जा रहे हैं.
24 साल पुराना साथ और नई उम्मीद
बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन लगभग 24 सालों तक चला था. सितंबर 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के कारण अकाली दल एनडीए से अलग हो गया था. अब पीएम मोदी और सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात के बाद दोनों के बीच पुरानी खटास दूर होती दिख रही है. चंडीगढ़ में अकाली दल के बड़े नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक के बाद सुखबीर बादल ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण बिल का पूरा समर्थन करेगी.
परिसीमन प्रस्ताव पर बदला पार्टी का रुख
अकाली दल ने परिसीमन को लेकर भी अपना पुराना विरोध वापस ले लिया है. केंद्र सरकार के नए प्लान के तहत हर राज्य में लोकसभा सीटें 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जानी हैं. अकाली नेता दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पहले पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन का विरोध था. अब जब सभी राज्यों में सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी, तो पार्टी को इस पर कोई आपत्ति नहीं है.
अरविंद केजरीवाल का तीखा हमला
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर तंज कसा. उन्होंने लिखा कि ना-ना करते फिर से गठबंधन की बात शुरू हो गई है. केजरीवाल ने दोनों पार्टियों पर निशाना साधा. इस पर अकाली दल ने भी पलटवार किया. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि विरोधी नेताओं के ऐसे बयान उनकी घबराहट और डर को साफ दर्शाते हैं.
पंजाब में नया सियासी समीकरण संभव
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम पंजाब में एक नए सियासी समीकरण की शुरुआत है. हालांकि गठबंधन के सीधे सवाल पर अकाली दल संभलकर जवाब दे रहा है. चीमा ने कहा कि फिलहाल केवल उन्हीं फैसलों को सामने रखा जा रहा है, जो पार्टी बैठक में तय हुए हैं. लेकिन दोनों दलों के बीच पिघलती बर्फ से पुराने रिश्तों के वापस लौटने के संकेत साफ मिल रहे हैं.
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि बादल पंजाब के हितों से समझौता कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के आगे झुककर अकाली दल राजनीतिक अवसरवाद दिखा रहा है. पंजाब की जनता बादल की इस मजबूरी को समझ रही है. आने वाले दिनों में बीजेपी और अकाली दल के अंतिम फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
