बंगाल पुलिस ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी किया है. पुलिस ने अभिषेक के समर्थकों और पुलिस के बीच हुई हाथापाई को लेकर नोटिस दिया है. बताया जा रहा है कि सांसद को मंगलवार को पेश होने के लिए भी कहा गया है.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब पश्चिम बंगाल पुलिस ने TMC सांसद को उनके समर्थकों और पुलिस के बीच हुई हाथापाई के मामले में नोटिस जारी किया है. आपको बता दें कि यह मामला हाल ही में एक बिलबोर्ड को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है. पुलिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी को मंगलवार को पेश होने के लिए कहा है.
बिलबोर्ड विवाद से जुड़ा है मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोलकाता पुलिस ने इस हफ्ते की शुरुआत में अभिषेक बनर्जी को पार्टी के चुनाव चिह्न वाले बिलबोर्ड को हटाने को लेकर हुए विवाद के सिलसिले में नोटिस जारी किया था. इस घटना के दौरान अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में अधिकारियों और प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स के बीच हाथापाई हुई थी. यह नोटिस शनिवार देर शाम उनके घर पर दिया गया. पुलिस अधिकारी ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि डायमंड हार्बर के सांसद को इस मामले के सिलसिले में मंगलवार दोपहर शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए कहा गया है.
मामले में 14 लोग हो चुके गिरफ्तार
पुलिस अधिकारी ने मामले को लेकर बताया कि इस घटना को लेकर 3 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें से 2 में अभिषेक बनर्जी को आरोपी बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक FIR में डेरेक ओ’ब्रायन और पूर्व MLA हुमायूं कबीर समेत पार्टी के अन्य नेताओं के नाम भी शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक डेरेक ओ’ब्रायन को रविवार को नोटिस दिया गया. वहीं पुलिस अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
समर्थकों और अधिकारीयों के बीच हुई हाथापाई
आपको बता दें कि अभिषेक बनर्जी के ऑफिस के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स, उनके समर्थकों और पार्टी के कुछ नेताओं के एक गुट और दूसरी तरफ पुलिस व कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के बीच हाथापाई हो गई थी. बताया जा रहा है कि पहला गुट अधिकारियों को कैमक स्ट्रीट स्थित बिल्डिंग में घुसने और एक अनधिकृत बिलबोर्ड हटाने से रोकने की कोशिश कर रहा था.
डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोपों को बताया गलत
हालांकि इस दौरान मौके पर मौजूद TMC राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने प्राइवेट गार्ड्स द्वारा विरोध किए जाने के आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि गार्ड्स बस बिल्डिंग के प्रवेश द्वार पर अपनी ड्यूटी कर रहे थे. पुलिस द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं.
