आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लिए गर्व का पल है, जहां एक ही परिवार के दो भाई-बहनों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. शान्तीपुर गांव के रहने वाले आदित्य हृदय उपाध्याय और उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की है. दोनों भाई बहन की शानदार सफलता ने पूरे जिले में खुशी की लहर पैदा कर दी है।
आदित्य ने ऑल इंडिया 154 रैंक हासिल की, जबकि आयुषी ने 361वीं रैंक पाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भाई-बहन की इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. इन दोनों की सफलता से लोग गर्व से भरे हुए हैं. आदित्य और आयुषी के पिता सूर्यप्रकाश उपाध्याय, जो वर्तमान में लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता के तौर पर प्रैक्टिस करते और उनकी माता प्रतिभा उपाध्याय एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं. इन दोनों के परिवार में शुरू से ही शिक्षा और मेहनत का माहौल रहा, जिसका परिणाम आज दोनों बच्चों की इस उपलब्धि के रूप में सामने आया है.
जानिए आदित्य हृदय उपाध्याय के बारे में….
आदित्य हृदय उपाध्याय पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे हैं. उन्होंने रुड़की से बीटेक किया और गोल्ड मेडल हासिल किया. इससे पहले भी वे UPSC परीक्षा में सिलेक्ट होकर भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में असिस्टेंट कमिश्नर, इनकम टैक्स के पद पर काम करते हैं. हालांकि बेहतर रैंक और सेवा के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और इस बार 154वीं रैंक हासिल कर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया.
आयुषी उपाध्याय की मेहनत रंग लाई
आदित्य की छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. उन्होंने वहां भी गोल्ड मेडल प्राप्त किया. आयुषी का यह UPSC की दूसरी कोशिश थी. इस बार उन्होंने 361वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार कर लिया.
कितने अभ्यर्थी हुए सफल
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के आखिरी रिजलट में कुल 958 उम्मीदवारों का चयन विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए हुआ है. इनमें 317 सामान्य वर्ग, 104 EWS, 306 OBC, 158 SC और 73 ST वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं. आजमगढ़ के शान्तीपुर गांव के भाई-बहन की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं.
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