us iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अंतिम चेतावनी देते हुए मंगलवार को पावर प्लांट और पुलों पर हमले के संकेत दिए हैं. इस तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और युद्ध की आशंका प्रबल हो गई है.

us iran conflict: United States और Iran के बीच चल रहा तनाव अब काफी बढ़ चुका है. दोनों देशों के बीच टकराव को करीब पांच हफ्ते हो गए हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और Israel ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे. इसके बाद हालात लगातार बिगड़ते गए. ईरान ने जवाब में Strait of Hormuz को बंद कर दिया. यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है. इस कदम से पूरी दुनिया में हलचल मच गई.
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को पहले ही 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज का रास्ता नहीं खोलता, तो उस पर बड़े हमले किए जाएंगे. अब यह समय सीमा खत्म होने के करीब है. इसी बीच ट्रंप ने एक और कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि मंगलवार को ईरान में बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर दुनिया का ध्यान खींच लिया. उन्होंने कहा कि मंगलवार को ईरान में “पावर प्लांट डे” और “ब्रिज डे” होगा. इसका मतलब साफ है कि बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने कड़ी भाषा में ईरान को होर्मुज खोलने के लिए कहा. यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें कूटनीति की सामान्य भाषा से हटकर तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है.
बिजली घर और पुल किसी भी देश की बुनियादी जरूरत होते हैं. अगर पावर प्लांट पर हमला होता है तो पूरे देश में बिजली ठप हो सकती है. अस्पताल, पानी की सप्लाई और रोजमर्रा की कई सेवाएं रुक जाती हैं. इसी तरह पुल टूटने से आवाजाही बंद हो जाती है. इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है. माना जा रहा है कि अमेरिका इस तरह का दबाव बनाकर ईरान को झुकाना चाहता है.
दूसरी तरफ होर्मुज बंद होने का असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है. तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. भारत, चीन और जापान जैसे देश इस रास्ते पर काफी निर्भर हैं. ईरान ने कुछ दोस्त देशों को गुजरने की इजाजत दी है, लेकिन पश्चिमी देशों के जहाज अब भी रुके हुए हैं. ऐसे में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. अब सबकी नजरें मंगलवार पर हैं. देखना होगा कि यह टकराव और बढ़ता है या कोई हल निकलता है.
