Iran blocks bangladesh ship: ईरान ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच बांग्लादेशी मालवाहक जहाज ‘बांग्लार जॉयजात्रा’ को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद उसे यूएई के शारजाह की ओर लौटना पड़ा. जहाज पर 31 नाविक सवार हैं और बांग्लादेश सरकार अब सुरक्षित रास्ता निकालने के लिए ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रही है.

Iran blocks bangladesh ship: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है. बांग्लादेश का एक जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार नहीं कर सका. ईरान ने उसे आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद जहाज को वापस लौटना पड़ा. बांग्लादेश शिपिंग कॉर्पोरेशन का जहाज ‘बांग्लार जॉयजात्रा’ करीब 40 घंटे की यात्रा के बाद होर्मुज स्ट्रेट तक पहुंचा था. लेकिन ईरानी अधिकारियों ने उसे क्लियरेंस देने से इनकार कर दिया. मजबूरन जहाज को यूएई के शारजाह एंकरिज की ओर वापस लौटना पड़ा.
बांग्लादेश शिपिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर महमुदुल मलेक ने इस घटना की जानकारी स्थानीय मीडिया को दी. उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह जहाज करीब 40 दिनों तक फारस की खाड़ी में फंसा रहा. जहाज सऊदी अरब के रास अल खैर बंदरगाह से 37 हजार टन फॉस्फेट उर्वरक लेकर दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन के लिए रवाना हुआ था. इसके लिए उसे होर्मुज स्ट्रेट पार करना जरूरी था. लेकिन ईरान की अनुमति न मिलने के कारण जहाज को बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा.
जहाज के चीफ इंजीनियर मोम्मद रशीदुल आलम ने बताया कि गुरुवार रात करीब 10 बजे जहाज होर्मुज स्ट्रेट से लगभग 60 नॉटिकल मील दूर पहुंच गया था. इस दौरान ईरानी अधिकारियों से वीएचएफ रेडियो के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई. दो बार संपर्क नहीं हो सका. तीसरी बार बातचीत हुई. लेकिन तब भी जहाज को स्ट्रेट पार करने की अनुमति नहीं दी गई. इसके बाद जहाज यूएई की ओर लौट गया और सुबह करीब 3 बजे शारजाह एंकरिज पर लंगर डाल दिया.
फिलहाल जहाज शारजाह के पास समंदर में खड़ा है और आगे की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. जहाज पर कुल 31 बांग्लादेशी नाविक मौजूद हैं. अधिकारियों के मुताबिक जहाज पर खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था है. जहाज रोज करीब 18 टन समुद्री पानी को साफ करके इस्तेमाल करने योग्य बना सकता है. हालांकि इंजन फुल स्पीड पर चलाना पड़ता है. इसलिए फिलहाल पानी की खपत कम करके करीब 6 टन प्रतिदिन कर दी गई है. नाविकों का मनोबल बनाए रखने के लिए उनके भोजन भत्ते को भी बढ़ा दिया गया है.
बताया गया कि यह जहाज 2 फरवरी को भारत से माल लेकर फारस की खाड़ी में दाखिल हुआ था. बाद में उसने कतर से स्टील कॉइल लोड किया और यूएई के जेबेल अली पोर्ट पहुंचा. इसी दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया. सुरक्षा कारणों से जहाज की यात्रा कई बार बदली गई. बाद में सऊदी अरब से उर्वरक लोड कर केपटाउन के लिए रवाना किया गया. लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर अनुमति न मिलने के कारण जहाज को फिर से इंतजार करना पड़ रहा है. अब बांग्लादेश सरकार ईरान से बातचीत कर सुरक्षित रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है.
