humayun kabir party crisis: पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर की पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के अध्यक्ष खोबायब अमीन ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी को चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है. विवादित बयानों और एक वायरल वीडियो के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने भी कबीर से गठबंधन तोड़ लिया है, जबकि टीएमसी ने उन्हें बीजेपी की मदद करने का आरोपी बताया है.

humayun kabir party crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक नया घटनाक्रम सामने आया है. टीएमसी छोड़कर अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर को एक और झटका लगा है. उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष खोबायब अमीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि पार्टी का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात थी. लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में वह यह जिम्मेदारी आगे नहीं निभा पाएंगे.
खोबायब अमीन ने बताया कि वह एक पीरजादा हैं और एक सामाजिक फाउंडेशन के सचिव भी हैं. इन जिम्मेदारियों के कारण समाज के लिए काम करना उनके लिए ज्यादा जरूरी हो गया है. उनका कहना है कि राजनीति में सक्रिय रहने से उनके सामाजिक और धार्मिक कार्यों पर असर पड़ रहा था. इसलिए उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने अपने पत्र में पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार भी जताया. साथ ही पार्टी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
इस बीच हुमायूं कबीर का नाम हाल ही में एक विवाद के कारण भी चर्चा में रहा. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने और उसका शिलान्यास करने की बात से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया था. इसी दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस वीडियो में कबीर मुसलमानों को लेकर विवादित बातें कहते नजर आ रहे हैं. वीडियो में दावा किया गया कि वह मुस्लिम वोट बांटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाने की बात कर रहे हैं और उन्हें पैसे का ऑफर भी मिला है. हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
हुमायूं कबीर ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है. उनका कहना है कि वीडियो को तकनीक की मदद से बनाया गया है और इसमें सच्चाई नहीं है. लेकिन वीडियो सामने आने के कुछ ही समय बाद उनकी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के बीच गठबंधन टूट गया. एआईएमआईएम ने साफ कहा कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ति या संगठन के साथ नहीं रह सकती जो मुसलमानों की गरिमा को ठेस पहुंचाए.
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर हुमायूं कबीर पर निशाना साधा. पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो दिखाते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग बीजेपी की मदद करने के लिए मुस्लिम वोटों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने हुमायूं कबीर को बीजेपी की बी-टीम बताया. इस मामले पर जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बीजेपी भले ही लंबे समय तक सत्ता में न आए, लेकिन वह ऐसे किसी व्यक्ति के साथ नहीं खड़ी हो सकती जो बाबरी मस्जिद बनाने की बात करता हो.
