तृणमूल कांग्रेस की स्थिति अब काफी गंभीर नजर आ रही है. दरअसल, पश्चिम बंगाल में हार के बाद से पार्टी पूरी तरीके से बिखरते हुए दिखाई दे रही है. 15 सालों तक सत्ता में रहने के बाद में अब पार्टी को अपना अस्तित्व तक बनाए रखने में मुश्किल हो रही है.
बता दें कि 16 जुलाई, 2026 को टीएमसी की एक और राज्यसभा सांसद ने इस्तीफा दे दिया है. दरअसल, राज्यसभा सांसद रुक्मिणी मलिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने का बाद में वह केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलने गई थी. टीएमसी के विधायक मदन मित्रा ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद में वह ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट में शामिल हो चुके हैं. ऐसे समय में रुक्मिणी मलिक का इस्तीफा देना काफी गंभीर स्थिति को पैदा करता है.
राज्यसभा से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों के इस्तीफा में कोयल मलिक से पहले भी कई ने इस्तीफा दे दिया है. प्रकाश चिक बराइक, सुखेंदु शेखर रॉय, और सुस्मिता देब ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
नेता रुक्मिणी मलिक ने गुरुवार को राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को एक पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र में कहा कि ‘आदरणीय सभापति, मैं राज्यसभा में अपनी सदस्यता से इस्तीफा देती हूं. इसे स्वीकार किया जाए. मैं राज्यसभा के सभापति, उपसभापति और सचिवालय के सभी कार्यप्रणालियों को अपने कार्यकाल के दौरान प्राप्त सभी सहयोग के लिए आभार व्यक्त करती हूं.’ बता दें कि इससे पहले भी ममता बनर्जी से कई नेता इस्तीफा दे चुके हैं.
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