US Iran War: अमेरिका के ताजा एयरस्ट्राइक में ईरान के 3 मिलिट्री पायलट समेत 18 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में बने अमेरिकी ठिकानों पर पलटावार किया है.

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है. मिडिल ईस्ट में दोनों देशों के बीच हमले और पलटवार का दौर लगातार जारी है. अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरान की सेना को बड़ा झटका लगा है. इस ताज़ा कार्रवाई में ईरान के तीन सैन्य पायलट ढेर हो गए हैं. दूसरी ओर, रिहायशी इलाकों और शादी के एक मंडप पर भी बमबारी की खबर है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में जंग के शोले भड़क उठे हैं. दोनों देश एक-दूसरे को देख लेने की खुली धमकी दे रहे हैं.
पायलटों की मौत से बड़ा झटका
ईरान की सरकारी मीडिया ने इस भारी नुकसान की पुष्टि कर दी है. दो रात पहले हुए अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरान ने अपने तीन जाबांज सैन्य पायलटों को खो दिया है. मारे गए जांबाजों में नौसेना के मोजतबा बघेरी और हामिद ओकाती शामिल हैं. इनके अलावा वायु सेना के पायलट हुसैन महदावियन की भी जान चली गई है. हालांकि, यह हमला किस सटीक जगह पर हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी छिपा कर रखी गई है. इस खबर के बाहर आते ही पूरी ईरानी सेना में मातम और गुस्से का माहौल है.
शादी के मंडप पर भी गिरी गाज
अमेरिका का यह नया सैन्य अभियान सितंबर 2026 की शुरुआत से ही बहुत तेज हो गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के दक्षिणी तट पर बने सैन्य ठिकानों को सीधा निशाना बनाया है. इस कार्रवाई में एयर डिफेंस, रडार सिस्टम और नेवी की संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है. ईरान का दावा है कि इन हमलों में कुल 18 बेगुनाह लोगों की जान चली गई है. हद तो तब हो गई जब एक शादी के मंडप पर भी स्ट्राइक हो गई. वहां मौजूद कई लोग इस बमबारी की चपेट में आ गए.
ईरान की खुली धमकी और कड़ा रुख
इस भीषण तबाही के बाद ईरान के तेवर बेहद सख्त हो गए हैं. ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा अरेफ़ ने अमेरिका को बहुत कड़ी चेतावनी जारी की है. उन्होंने साफ कहा कि अब तेहरान अपनी सुरक्षा और बचाव की पूरी रणनीति बदल रहा है. ईरान का पलटवार ऐसा होगा जिसकी अमेरिका ने कभी उम्मीद भी नहीं की होगी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी नागरिक अब तेल और राशन जमा करना शुरू कर दें. आने वाले दिनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बुरे दिन शुरू होने वाले हैं.
ट्रंप की चेतावनी और नए हमले
वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसले पर पूरी तरह कायम हैं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जब चाहे तब ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है. हालांकि उनका यह भी मानना है कि यह जंग बहुत ज्यादा लंबे समय तक नहीं खिंचेगी. अमेरिका का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों का बदला है. अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास, चाबहार और केश्म द्वीप जैसे रणनीतिक इलाकों में बने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अड्डों को तबाह कर दिया है.
अरब देशों तक पहुंची जंग की आंच
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दाग दिए हैं. ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और इराक में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. इसके बाद कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अचानक सायरन बजने लगे और एयर डिफेंस सिस्टम को चालू करना पड़ा. कुवैत ने ईरान की इस कार्रवाई को खुली आक्रामकता करार दिया है. दोनों तरफ से हो रहे इन भीषण हमलों ने पूरी दुनिया की चिंता बहुत बढ़ा दी है.
