uttarayani kauthik mahotsav 2026: देहरादून में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 में लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया गया है.

uttarayani kauthik mahotsav 2026: सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित 4 दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 का दूसरा दिन खास रहा है. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए हैं. उन्होंने फाउंडेशन द्वारा समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे ये काम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार हैं और युवाओं को भी सामाजिक गतिविधियों में जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने में फाउंडेशन की भूमिका को अहम बताया.
फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी श्रीमती गीता धामी ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और लोक कलाओं को इस महोत्सव के जरिए जीवित रखा जा रहा है. उन्होंने बताया कि बेड़ा गीत, चौती गीत, मांगल गीत आदि ढोल, दमाऊ और भंकोरा जैसे वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुत किए जा रहे हैं. इसके अलावा पहाड़ी व्यंजन जैसे मडुए की रोटी, झंगोरे की खीर और भट्ट की चुड़कानी भी संस्कृति और प्रकृति अनुकूल जीवनशैली का संदेश देते हैं.
श्रीमती गीता धामी ने यह भी कहा कि महोत्सव में महिलाओं ने हस्तशिल्प, बुनाई और रिंगाल उत्पादों के जरिए अपनी कला और मेहनत दिखाई है. 172 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 100 से अधिक निःशुल्क थे. इससे स्थानीय कास्तकारों और शिल्पकारों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हम अपने स्थानीय उत्पादों और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रयास करें और स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें.
महत्वपूर्ण आकर्षण के रूप में ऐपण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बालिकाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. लकड़ी के तख्तों पर लाल पृष्ठभूमि पर सफेद रंग से पारंपरिक ऐपण कला का प्रदर्शन किया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा. इसके साथ ही नशा मुक्ति का संदेश भी दिया गया और विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया.

महोत्सव में लोक संस्कृति और संगीत की झलक भी देखने को मिली. गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री बसंती बिष्ट, गोविंद, खुशी जोशी और ललित गित्यार जैसे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया. इसके अलावा मां बाराही सांस्कृतिक दल, बुरांस कला केन्द्र और नवोदय पर्वतीय कला केन्द्र जैसे समूहों ने नृत्य, नुक्कड़ नाटक और वंदना जैसी प्रस्तुतियां दीं. इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन और अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे.
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