कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद में धर्मेंद्र प्रधान ने कल अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में बता दें कि देश को अपना नया शिक्षा मंत्री मिल गया है. प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद अब प्रह्लाद जोशी संभाल रहे हैं. वह बीजेपी के अनुभवी कैबिनट मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता में से एक है. उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जिस समय में उन्हें एक छोटी सी भी गलती परेशानी की ओर धकेल सकती है.
आखिर क्या रह चुके है शिक्षा मंत्री?
नए शिक्षा मंत्री के पद को संभालने वाले प्रह्लाद जोशी का पूरा नाम प्रह्लाद वेंकटेश जोशी है. 1990 में हुबली ईदगाह मैदान में हुए प्रदर्शन से वह लोगों के बीच में चर्चा में आए थे. इसी आंदोलन से उनका राजनीतिक करियर शुरू हुआ था. वह उसके मुख्य चेहरों में से उभर कर निकले थे. RSS में इन्होंने कई सालों का साथ दिया था. कर्नाटक के विजयपुरा के ब्राह्मण परिवार से आने वाले 2004 में धारवाड़ से लोकसभा के लिए चुने गए थे, जिसके बाद से वह लगातार आम चुनाव को जीतते आए है.
लगातार चुनाव जीतने की वजह से उन्हें कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले BJP के सांसदों में शामिल कर लिया गया था. कर्नाटक में BJP अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक दौर था. इसी के बाद से उन्होंने अपने पैर राष्ट्रीय राजनीति में डाले. अभी तक उनपर भ्रष्टाचार का कोई भी बड़ा आरोप नहीं साबित हुआ है. हालांकि, अपने कामकाज के दौरान में उन्हें कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.
2019 में BJP की सरकार दोबारा से आने के बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनावों में इन्हें दो नए विभागों को जिम्मा दिया गया. जानकारी के मुताबिक, प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध हुबली से BA की डिग्री ली हुई है. राजनीति से पहले वह RSS में थे.
