पश्चिम बंगाल में बनने जा रहे नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कितनी पढ़ाई की है और वे राजनीति में कब शामिल हुए. इस रिपोर्ट में सब कुछ जानें-

बंगाल के नए अधिकारी बने शुभेंदु
पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री को लेकर विधायक दल का नेता चुना जा चुका है. बंगाल में बीजेपी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले शुभेंदु अधिकारी के नाम पर सीएम पद के लिए मुहर लग गई है. हालांकि शुभेंदु अधिकारी के नाम की चर्चा पहले से भी हो रही थी, क्योंकि वे काफी लंबे समय से बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बंगाल में बने हुए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं ममता बनर्जी को धूल चटाने वाले शुभेंदु राजनीति के अलावा पढ़ाई में कितना माहिर हैं? इस रिपोर्ट में हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं.
कितनी पढ़े हैं शुभेंदु?
शुरुआती जिंदगी शुभेंदु अधिकारी की पूर्व मोदिनीपुर में बीती है. आपको बता दें कि शुभेंदु अधिकारी की शिक्षा काफी व्यवस्थित रही है. उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई कांथी मॉडल स्कूल से की है. उन्होंने साल 1987 में इसी स्कूल से 12वीं पास की. जिसके बाद उन्होंने कांथी पी. के कॉलेज ( विद्यासागर यूनिवर्सिटी) से ग्रेजुएशन की डिगग्री हासिल की है. आपको बता दें कि इसके बाद शुभेंदु ने पढ़ाई को जारी रखा.
पिताजी भी रह चुके हैं मंत्री
आपको बता दें कि ग्रेजुएशन करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी (NSOU) से M.A की डिग्री हासिल की है. उन्होंने अपनी पढ़ाई से राजनीति की व्यस्तता के बाद भी नाता कभी नहीं तोड़ा है. आपको बता दें कि शुभेंदु का राजनीति से नाता उनके पैदा होने के बाद से ही है. उनके पिता शिशिर अधिकारी 3 बार के सांसद और यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं.
साल 1995 में शुरू हुआ करियर
शुभेंदु अधिकारी ने साल 1995 में कांग्रेस के साथ पार्षद के तौर पर काम शुरु किया था, जिसके बाद साल 1998 में जब ममता बनर्जी ने TMC को बनाया, तो शुभेंदु का परिवार उनके साथ हो गया. जिसके बाद उन्होंने टीएमसी का दमदार नेता माना जाता था. हालांकि अभिषेक बनर्जी का पार्टी में कद बढ़े के बाद उनकी दूरियां बढ़ीं और उन्होंने नवंबर 2020 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया. जिसके बाद दिसंबर 2020 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं.
यह भी पढे़ें- ग्राउंड जीरो के नेता या बीजेपी के मास्टरमाइंड? सुवेंदु अधिकारी के वो दांव, जिन्होंने बंगाल में ढहा दिया ममता का किला
