साल 1980 के एक हत्याकांड मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा को दोषी ठहराया गया है. प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट ने उन्हें प्रकाश नारायण पांडेय हत्याकांड में दोषी करार दिया है.

पूर्व विधायक विजय मिश्रा की बढ़ी मुश्किलें
पूर्व विधायक विजय मिश्रा के सामने मुश्किलें आ खड़ी हुई हैं. प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट में विजय मिश्रा को 46 साल पुराने मामले में दोषी करार दिया है. मंगलवार को MP-MLA कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए विजय मिश्रा समेत 4 आरोपियों को दोषी करार दिया है. कोर्ट के न्यायाधीश योगेश कुमार तृतीय ने विजय मिश्रा के साथ जीत नारायण, संतराम और बलराम को मामले में हत्या का दोषी ठहराया है.
1980 के मामले में दोषी
जानकारी के मुताबिक अब बुधवार को इस मामले में कोर्ट सभी दोषियों की सजा को लेकर फैसला सुनाने वाली है. आपको बता दें कि यह मामला 11 फरवरी साल 1980 का है. इस दिन 35 साल के प्रकाश नारायण पांडेय की गोली मारकर हत्या की गई थी. प्रकाश नारायण की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. प्रकाश नारायण इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र थे और अपने मुकदमे में जमानत कराने के लिए जिला अदालत गए थे.
कचहरी में की गई थी हत्या
बताया जा रहा है कि संतराम और बलराम से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी, इसी के चलते संतराम, बलराम, विजय मिश्रा और जीत नारायण ने साथ में मिलकर प्रकाश पांडेय की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस दौरान घटना में 5 और लोग भी घायल हुए थे. इस घटना के बाद में इसको लेकर मृतक के भाई श्याम नारायण पांडेय ने कर्नलगंज पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई थी.
कल होगा सजा का ऐलान
इसी हत्याकांड में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद में अदालत ने विजय मिश्रा को दोषी ठहराया गया है. लगभग 46 सालों बाद मामले में यह भी सामने आया है कि केस की पत्रावली को भी गायब किया गया था, जिससे आरोपियों को मामले में सजा से बचाया जा सके. फिलहाल प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा को इस मामले में दोषी ठहराया है और इस मामले में उनकी सजा को लेकर कल यानी बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा.
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