नीट 2026 लीक होने के बाद में सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपा दिया है. इसी जांच में दो भाईयों का नाम सामने आया है, जिन्हें नीट पेपर को लीक करने में दोषी पाया गया था. दरअसल, दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिवाल दोनों भाईयों ने मिलकर 30 लाख रुपये में नीट के पेपर को खरीदा था. दिनेश ने वह पेपर अपने बेटे को दिया था, जिसके बाद में वह धीरे-धीरे हर जगह फैलते चला गया. पिछले साल दिनेश के घर से 4 लोगों ने नीट पेपर में पास कर सीट प्राप्त की है.
दिनेश बिंवाल बीजेपी के कार्यकर्ता
इसी बीच एक और खबर सामने आई हैं कि दिनेश बिंवाल बीजेपी के कार्यकर्ता है. जमवारामगढ़ से बीजेपी विधायक ने अपनी एक पोस्ट में उन्हें पार्टी की ऊर्जावान कार्यकर्ता बताया है. हालांकि, इसी बीच एक और खबर सामने आ रही है. दरअसल, विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीट पेपर लिंक में भाजपा के नेता का हाथ है. क्या इन्हीं कारणों से बीजेपी सरकार ने 9 दिन तक पेपर लीक को छिपाए हुए रखा हुआ था.
बीजेपी के नेता को पेपर किसने मिला?
धीरे-धीरे मामला राजनीतिक तूल पकड़ने लगा हैं. सीकर को इसका हब माना जा रहा है. हालांकि, अभी तक मामले में यह खुलासा नहीं हो पाया हैं कि आखिर बीजेपी के नेता को पेपर किसने दिया था.
NTA ने परीक्षा को दोबारा से कराने का फैसला लिया है. हालांकि, अभी तक लोगों को डेट नहीं बताया गया हैं. जल्द से जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा.
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