कंबोडिया से जुड़े ह्यूमन ट्रैफिकिंग और साइबर स्लेवरी के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनके खिलाफ पटना की स्पेशल NIA अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है.

NIA की बड़ी कार्रवाई
कंबोडिया से जुड़े ह्यूमन ट्रैफिकिंग और साइबर स्लेवरी के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है. जानकारी के मुताबिक इस रैकेट में शामिल 5 आरोपियों के खिलाफ जांच एजेंसी ने पटना की स्पेशल NIA अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है. NIA की जांच के मुताबिक आरोपी संगठित मानव तस्करी का गिरोह का संचालन करते थे.
फर्जी कंपनियों में कराया जाता था काम
NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी भारत के युवाओं को अच्छी नौकरी दिलवाने के बहाने से कंबोडिया में ले जाते थे. जिसके बाद वहां पहुंचने पर उनसे अवैध रूप से चल रही फर्जी स्कैम और साइबर धोखाधड़ी वाली कंपनियों में काम कराया जाता था. युवाओं को इन कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था. बताया जा रहा है कि अब इस मामले में एजेंसी ने पटना की स्पेशल NIA अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है.
युवाओं के पासपोर्ट कर लेते थे जब्त
युवाओं को कंबोडिया ले जाने के बाद सभी के पासपोर्ट को जब्त कर लिया जाता था, जिससे वे वापस भारत न भाग पाएं. बताया जा रहा है कि अगर कोई शख्स फर्जी कंपनियों के लिए काम करने से मना कर देता था, तो उसे मेंटली और फिजिकली टॉर्चर भी किया जाता था. जानकारी के मुताबिक पीड़ितों को कमरे में बंद करके कैद कर दिया जाता था और उन्हें कई दिनों तक खाना-पानी भी नहीं दिया जाता था.
एजेंटों के जरिए फंसाता था युवा
NIA के मुताबिक विरोध करने पर पीड़ितों को इलेक्ट्रिक शॉक भी दिया जाता था. इस पूरे मामले में आनंद सिंह उर्फ मुन्ना सिंह नाम का आरोपी मास्टरमाइंड है, लेकिन वह फिलहाल फरार चल रहा है. बताया जा रहा है कि आनंद कुमार सिंह भारत में मौजूद अपने एजेंटों के जरिए युवाओं को जाल में फंसाता था. जिसके बाद वह कंबोडिया में बैठे आरोपियों के साथ इन युवाओं की तस्करी करता था. इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और NIA लगातार जांच कर रही है.
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