Meerut Hospital Fraud: मेरठ के एक निजी अस्पताल पर आरोप है कि उसने सांस की बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग को जबरन HIV पॉजिटिव बता दिया. इस झूठी रिपोर्ट के डर से परिवार से इलाज के नाम पर करीब 2 लाख रुपये वसूलने और सामाजिक अपमान देने का मामला अब एसएसपी और सीएमओ तक पहुंच गया है, जिसकी स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है.

Meerut Hospital Fraud: मेरठ के कंकरखेड़ा इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. बागपत के रहने वाले एक बुजुर्ग और उनके परिवार का कहना है कि अस्पताल ने गलत तरीके से उन्हें HIV पॉजिटिव बता दिया. परिवार का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर इलाज के नाम पर उनसे करीब 2 लाख रुपये वसूल लिए गए. अब मामला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच गया है. परिवार ने पूरे मामले की शिकायत मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू करने की बात कही है.
पीड़ित परिवार के मुताबिक, 19 अप्रैल को मोहम्मद अशरफ नाम के बुजुर्ग की अचानक तबीयत खराब हो गई थी. इसके बाद उन्हें पहले बड़ौत के अस्पताल में दिखाया गया. वहां से हालत गंभीर बताकर मेरठ रेफर कर दिया गया. इसके बाद परिजन उन्हें कंकरखेड़ा स्थित शीला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे. अस्पताल में भर्ती करने के बाद कई तरह की जांच की गई. परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों ने जांच रिपोर्ट दिखाकर कहा कि मरीज HIV पॉजिटिव है. यह सुनते ही परिवार घबरा गया और अस्पताल में इलाज शुरू करा दिया.
परिजनों का कहना है कि अस्पताल लगातार इलाज के नाम पर पैसे मांगता रहा. डर और तनाव की वजह से परिवार ने पैसे जमा कर दिए. कुछ दिनों में करीब 2 लाख रुपये खर्च हो गए. परिवार का आरोप है कि अस्पताल में HIV का सही इलाज तक मौजूद नहीं था, फिर भी मरीज को भर्ती रखकर इलाज किया जाता रहा. करीब तीन दिन बाद परिवार मरीज को लेकर वापस घर लौट आया. इसके बाद दूसरी जगह जांच कराई गई. वहां रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य निकली. फिर एक और लैब में टेस्ट कराया गया, वहां भी HIV संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई.
दूसरी रिपोर्ट आने के बाद परिवार को शक हुआ कि उनके साथ धोखा किया गया है. परिजनों का कहना है कि बुजुर्ग को सिर्फ सांस से जुड़ी बीमारी थी, लेकिन अस्पताल ने गलत रिपोर्ट दिखाकर उन्हें डरा दिया. परिवार ने जब अस्पताल से पैसे वापस मांगने की कोशिश की तो मामला और बढ़ गया. आरोप है कि अस्पताल के कुछ लोग उनके घर तक पहुंचे और चुप रहने का दबाव बनाया. परिवार का कहना है कि HIV जैसी बीमारी का नाम सामने आने के बाद समाज में लोग उनसे दूरी बनाने लगे थे. यहां तक कि रिश्तेदार और जानने वाले भी मिलने से डर रहे थे.
अब इस मामले ने बड़ा रूप ले लिया है. मेरठ के सीएमओ अशोक कटारिया ने कहा है कि शिकायत मिल चुकी है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. अगर जांच में अस्पताल की गलती सामने आती है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी. वहीं परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ पैसे का नुकसान नहीं हुआ, बल्कि सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है.
