समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे पासपोर्ट मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया है. उन्हें दिसंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी ठहराया था और 7 साल की सजा सुनाई थी.

अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को अब बड़ी कानूनी राहत मिल गई है. अब्दुल्ला आजम को दोहरे पासपोर्ट मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाई गई 7 साल की सजा को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने उनकी अपील को स्वीकार कर लिया है और उन्हें इस मामले में पूरी तरह से बरी कर दिया है.
7 साल की सुनाई गई थी सजा
इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक अब्दुल्ला आजम को कुछ समय पहले डबल पासपोर्ट मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी ठहराया था और 7 साल की सजा सुनाई थी. जिसके बाद अब्दुल्ला ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी. जिसके बाद अब आज यानी शुक्रवार को उनकी अपील के ऊपर सुनवाई करते हुए MP-MLA सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया.
दोहरे पासपोर्ट मामले में बरी
सेशन कोर्ट ने अब्दुल्ला की अपील को मानते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है. अब उन्हें दोहरे पासपोर्ट मामले में पूरी तरह से बरी कर दिया गया है. इस फैसले के बाद कानूनी और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है. मामले में जानकारी देते हुए अब्दुल्ला आजम के वकील नासिर सुल्तान ने बताया कि सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया है और अब्दुल्ला आजम को मामले में बरी कर दिया है.
क्या है मामला?
आपको बता दें कि अब्दुल्ला आजम के ऊपर फर्जी तरह से 2 पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगा था. इस मामले में MP-MLA मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दिसंबर 2025 में उन्हें 7 साल की सजा सुनाई थी. अब्दुल्ला के ऊपर आरोप था कि उन्होंने फर्जी तरह से डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके अलग-अलग जन्मतिथि पर 2 पासपोर्ट बनवाए थे. अब इस मामले में सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है.
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