नोएडा के सेक्टर 16 में 4 लेन की सड़क पर जब भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति दिखी, तो लोगों से बातचीत करने के लिए मौके पर TheTruth24 की टीम पहुंची. लोगों ने कई तरह की बातें कही हैं. रिपोर्ट में जानें…

उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में प्रशासन और सरकार नियमों को लेकर लगातार सख्ती बरत रही है. लोगों को नियमों का पालन करना और कानून और सिस्टम के हिसाब से चलने के लिए लगातार जागरुक किया जा रहा है. यहां जहां नियम और कानून को तोड़ने की बात आती है, वहां भारत के लोग सबसे आगे दिखाई देते हैं. ऐसे ही नियमों की धज्जियां उड़ाने और कानून को कुछ न समझने वाली एक तस्वीर उत्तर प्रदेश के नोएडा से सामने आई है.
4 लेन की सड़क पर पैदल चलने का रास्ता नहीं
नोएडा के सेक्टर 16 में जब TheTruth24 की टीम पहुंची तो हालातों को देख आंखों पर भरोसा नहीं हुआ. तस्वीरों को देख कई सवाल खड़े हो गए. सवाल उठा सिस्टम के ऊपर, नियम के ऊपर, कानून के ऊपर और उन लोगों ने ऊपर भी जिन्होंने यहां नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं. सेक्टर 16 में चार लेन की सड़क है और चार लेन की सड़क में आपको चलने का रास्ता नहीं दिखाई देता है.
जैसे ही आप सेक्टर 16 में मेट्रो स्टेशन से नीचे उतरते हैं तो आपको पैदल भी चलने की जगह नहीं मिलती है. मेट्रो स्टेशन के पास में ही सैकड़ों कॉरपोरेट ऑफिस मौजूद हैं, जब लोग अपने ऑफिस जाते हैं, तो उनको ऑफिस से पहले घंटों का जाम झेलना पड़ता है. जब ट्रैफिक जाम होने के कारण का पता करने के लिए TheTruth24 की टीम मौके पर पहुंची तो हमारी टीम भी हैरान रह गई.
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दुकानों के आगे खड़ी गाड़ियों से लगा जाम
दरअसल यहां लगने वाले जाम का सबसे बड़ा कारण यहां मौजूद दुकानें हैं. इलाके में मौजूद दुकानों के आगे लोग बड़ी संख्या में गाड़ियों को खड़ा करते हैं, लेकिन इसके ऊपर सवाल उठाने वाला कोई नहीं है, लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे सवाल उठाने से बच रहे हैं. सवाल है कि क्या गाड़ियों को इस तरह से खड़ा करने के लिए इन दुकानदारों को नोएडा प्राधिकरण से मंजूरी मिल रही है, या फिर यहां लोग अपनी मर्जी से गाड़ियों को दुकानों के आगे खड़ा करके यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बना रहे हैं.
‘यह मार्केट है, परमिशन की जरूरत नहीं’
वहां मौजूद लोगों से TheTruth24 की टीम ने बात की. इस दौरान जब मैकेनिक से पूछा गया कि यहां पर इतनी गाड़ियां क्यों खड़ी होती हैं, तो उसने जवाब दिया कि काम के लिए खड़ी होती हैं. मैकेनिक से पूछा गया कि क्या आपने इसके लिए परमिशन ले रखा है तो उसने कहा कि दुकान मालिक से पूछो. जिसके बाद हमारी टीम ने एक डेंटिंग-पेंटिगं करने वाले मजदूर से बात की और पूछा कि यहां जो इतनी गाड़ियां खड़ी हैं, इसके लिए परमिशन ली है क्या? तो व्यक्ति ने जबाव दिया कि परमिशन नहीं है, यह मार्केंट है, यहां ऐसे ही होता है. जिसके बाद जब व्यक्ति से इसका उपाय पूछा गया, तो जवाब आता है कि इसका कोई उपाय नहीं है.
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जब व्यक्ति से पूछा कि क्या नोएडा पुलिस या अथॉरिटी की तरफ से इसको लेकर कोई अभियान चलाया जाता है? तो व्यक्ति कहता है कि हां वो लोग चालान काटकर चले जाते हैं. जब व्यक्ति से पूछा कि पुलिस यह नहीं कहती है कि गाड़ी हटाओ, इसपर व्यक्ति ने कहा कि कहती है, लेकिन लोग यहां खुद खड़ी कर लेते हैं. इतनी ही देर में मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बड़ी अनोखी बात बोल दी. व्यक्ति कहता है कि अभी यहां से आप जाओगे तो फिर से गाड़ियां खड़ी हो जाएंगी, अभी आपको कारण हट गई हैं. जिससे यह साफ नजर आता है कि लोगों के मन से नोएडा प्राधिकरण और पुलिस का खौफ और नियमों को मानने की इच्छा पूरी तरह से मर गई है.
लड़के को तैयार हो जाते लोग- मैकेनिक
बातचीत के दौरान एक मैकेनिक कहता है कि अगर किसी को मना करो तो वह लड़ाई करने को तैयार हो जाता है और कहता है कि तेरे बाप का रोड है क्या? जब इस मामले में एक दुकान के मालिक से बात की गई तो व्यक्ति ने जवाब दिया कि यह रोड नहीं है यह हमारी पार्किंग है. जब टीम ने पूरे इलाके में घूमकर लोगों से बातचीत की तो लगभग पूरे इलाके की सड़कों पर गाड़ियां लगी दिखाई दीं.
यहां परमिशन नहीं चाहिए- दुकान मालिक
एक दुकान मालिक से जब बात की, तो उसने कहा कि यह गाड़ियों की मार्केट है, यहां गाड़ी खड़ी करने के लिए कोई परमिशन नहीं चाहिए. इसी दौरान जब एक गोविंद नाम के मैकेनिक से TheTruth24 की टीम ने बात की और सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने की परमिशन के बारे में पूछा, तो व्यक्ति कहता है कि यह पार्किंग है और इसकी परमिशन नोएडा अथॉरिटी से मिली हुई है. इसी दौरान पीछे से एक व्यक्ति कहा है कि इसकी परमिशन हाई कोर्ट से मिली हुई है.
शहवर का दावा- यह सड़क नहीं है
इस दौरान जब वहां मौजूद और लोगों से बात की गई तो शहवर नाम के व्यक्ति कहते हैं कि यह सड़क नहीं है. मतलब कमाल की बात है इलाके में मैकेनिक और दुकान मालिक यह मानने को तैयार नहीं हैं कि यहां लोग सड़कों पर अतिक्रमण कर रहे हैं. लोगों से सवाल पूछने पर जवाब मिलाता है कि यह सड़क नहीं है यह पार्किंग है और यह पार्किंग नोएडा अथॉरिटी से उन्हें अलॉट हुई है.
जाम में फंसी SHO की गाड़ी
TheTruth24 की टीम को सड़कों पर कई दिनों से खड़ी हुई गाड़ियां भी दिखाई दीं, जिनके ऊपर बड़ी मात्रा में धूल जमा हुई थी. जब यह तस्वीर TheTruth24 के कैमरे में कैद की जा रही थी, इसी दौरान एक अनोखा नजारा फिर दिखाई देता है. सड़कों पर खड़ी गाड़ियों के कारण जब ट्रैफिक जाम हुआ तो इस जाम में पुलिस SHO की गाड़ी भी फंस गई, जिसको निकलने में काफी देर भी लगी.
‘पुलिस आने पर हट जाती गाड़ियां’
वहां मौजूद लोगों ने बताया कि यहां जब पुलिस आती है, तो गाड़ियां हट जाती हैं, लेकिन उनके जाने के बाद फिर से गाड़ियां सड़कों पर लगा दी जाती हैं. लोगों ने बताया कि कोई परमिशन नहीं है और यहां पर दुकानदार अपनी मर्जी से गाड़ियां खड़ी करते हैं. लोगों ने बताया कि यहां पर पार्किंग भी है, लेकिन वहां पर गाड़ी कोई नहीं खड़ी करता है.
एक दुकानदार से जब पूछा गया कि तो उसने बताया कि यहां पर 20-25 सालों से काम कर रहे हैं, जिसके बाद सवाल पूछा कि इतने सालों में क्या कोई नोएडा अथॉरिटी से या फिर प्रशासन से सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को हटवाने के लिए आया, तो व्यक्ति सीधा जवाब देता है कि मेरे सामने कोई भी नहीं आया. लोगों ने बताया कि अथॉरिटी के लोग आते तो हैं, लेकिन वो लोग कुछ कहते नहीं हैं.
क्या योगी सरकार के अधिकारी सो रहे?
एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि प्रदेश में किसी भी सड़क पर अतिक्रमण नहीं होने देंगे, लेकिन नोएडा के सेक्टर 16 में उनकी इस बात की सरेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दे जाती हैं. एक तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं कि सड़कें चलने के लिए हैं, लेकिन सेक्टर 16 की सड़कों पर व्यक्ति का पैदल तलना भी मुश्किल हो गया है. सवाल यह भी उठता है कि अतिक्रमण को हटाने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, योगी सरकार के वे अधिकारी सो रहे हैं क्या?
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