उत्तर प्रदेश के महोबा में पारिवारिक विवाद की वजह से हंसी खुशी का घर एक दम से शोक के माहौल में डूब गया है. दरअसल, यहां पर एक भाई ने दूसरे भाई की खुशियों को देख गुस्से में आकर उस पर ट्रैक्टर चला दिया है. चौंकाने वाली बात तो यह हैं कि आरोपी ने पहले गुस्से में अंधा होकर इस क्रूरता को अंजाम दिया. उसके बाद में आत्मग्लानि में आकर खुद की भी जान ले ली.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, खरका गांव के निवासी मुन्ना प्रजापति के घर में उनकी 3 साल की पोती का जन्मदिवस था. पूरा माहौल खुशनुमा हो रखा था. वहां मौजूद सभी लोग जमकर नाच गाना कर रहे थे. इस पार्टी में मुन्ना का 45 वर्षीय चचेरा भाई मंगल प्रजापति भी मौजूद था. वह जमकर वहां नाच गाना कर रहा था.
दोनों भाईयों के अलावा एक और भाई उसी गांव में रहता था. भाई का नाम विश्वभूर्ति था. उसके यहां पर बेटी की शादी की पार्टी हो रही थी. पूरी तैयारियां और नाच गान का इंतजाम हो रहा था. हालांकि, विश्वमूर्ति की पार्टी में कोई भी मौजूद नहीं था. अपनी पार्टी में सूनापन देख वह पूरी तरीके से बौखला गया, जिसके बाद उसने जन्मदिन की पार्टी में नाच गान कर रहे लोगों पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया.
भाई और भाई का बेटा टैक्ट्रर की चपेट में
पूरी पार्टी में अफरा तफरी का माहौल बन गया. सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. हालांकि, मंगल प्रजापति और मुन्ना का बेटा संजू प्रजापति विश्वमूर्ति की ट्रैक्टर की चपेट में आ गया, जिसके बाद स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य दोनों को अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टरों द्वारा मंगल प्रजापति को मृत घोषित किया गया. वहीं, मुन्ना के बेटे का पैर भी टूट गया.
गांव वाले लोगों का कहना हैं कि विश्वमूर्ती से कोई भी बात नहीं करता था. ऐसा इसलिए क्योंकि विश्वमूर्ति अपनी पत्नी के अलावा एक और महिला के संग में रहा करता था. इसी वजह से पूरा परिवार नाराज होकर उससे दूर रह रहा था.
मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. हालांकि, कार्रवाई की अगली सुबह पता लगा कि आरोपी ने भी पुलिस से डर कर और आत्मग्लानि में खुदखुशी कर ली है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है. पीड़ित परिवार की तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है.
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