उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ शुरू किया था. बता दें यह ऑपरेशन सफल हो गया है. दरअसल, पुलिस ने अंतर्राज्यीय यूरिया तस्कर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ को एसओजी देहात की संयुक्त टीम और थाना जानसठ पुलिस ने सफल बनाया है. दोनों टीमों की सूझबूझ से इतनी सफलता हासिल हो पाई है,
इन चीजों को किया गया बरामद
हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक गिरोह ने पिछले तीन महीने से 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया को बेचा है. छापेमारी के दौरान पुलिस को तस्करों के पास से 20,430 किलोग्राम सरकारी अनुदानित यूरिया, वाहन और फर्जी दस्तावेज मिले हैं. अधिकारियों ने इसकी कीमत 60 लाख रुपये आंकी है.
कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिस की दी जानकारी के मुताबिरक, गिरोह सब्सिडी से मिलने वाली urea को भोपा क्षेत्र में स्थित खाद विक्रेताओं को ऊंचे दामों में बेच देता. उसके बाद में उसका फर्जी बिल तैयार कर उसे यमुनानगर और हरियाणा ले जाया जाता, जिसके बाद प्लाईवुड की फैक्टरियों में ऊंचे दामों में बेच दिया जाता.
इस तरह चढ़ा गिरोह पुलिस के हत्थे
पुलिस ने 01 जून की रात में कवाल पुल के पास में चेकिंग के लिए हुंडई ऑरा कार, कैंटर और दो पिकअप गाड़ियों को रोका. जांच में वाहनों के अंदर से HURL, RCF और KRIBHCO मार्का के साथ-साथ यूरिया के 454 कट्टे बरामद किए गए, जिसके बाद सभी के बिल चेक करने पर अधिकारियों ने तीनों बिलों को फर्जी बताया.
टीम को इस ऑपरेशन से खुलासा करने के बाद में 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार दिया गया. साथ ही आरोपियों के खिलाफ में मुकदमा दर्ज किया गया ताकि आगे की जांच की जा सके.
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