उत्तर प्रदेश के महोबा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. अकसर लोग कहते हैं कि मौत एक ही होती है लेकिन उजड़ता पूरा परिवार है. हालांकि, आज हम आपको जो मामला बताने वाले है. वह इस लाइन को पूरी तरह सच साबित करता है. दरअसल, यहां पर एक पति अपनी पत्नी और बेटे के जाने के गम को सह नहीं पाया और उनकी मौत के 11 दिन बाद दोनों की कब्र पर हाथ रख हमेशा के लिए अपने परिवार को अलविदा बोल दिया.
क्या है पूरा मामला..
दरअसल, पूरा मामला महोबा के चरखानी कस्बे का है. 40 वर्षीय सुब्हान अहमद कुछ दिनों के लिए चरखारी में मोहल्ला बैरूगंज में स्थित अपने ससुराल आए हुए थे. सब कुछ पूरी तरीके से सामान्य चल रहा था. हालांकि, एक दिन अचानक ही सुब्हान के छोटे बेटे की गर्मी से तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद परिवार उसे तुरंत अस्पताल ले कर गया. डॉक्टरों ने 6 साल के मासूम को छतरपुर रेफर कर दिया. हालांकि, रास्ते में ही हसनैन ने अपनी मां रजिया खातून की गोद में दम तोड़ दिया.
बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां का कलेजा पूरी तरीके से फट गया. अपने बेटे की मौत की खबर सुन वह पूरी तरीके से सदमें में चली गई, जिसके बाद उन्होंने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया. इस दोहरे झटके को सुब्हान बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था. परिवार ने बताया कि पिता अपने परिवार का बहुत ख्याल रखते थे. वह परिवार में किसी को भी खांसी होने पर भी तुरंत अस्पताल ले कर चले जाया करते थे.
दोनों की कब्र के बीच में तोड़ा दम
शुक्रवार के दिन पर सुब्हान सुबह 4 बजे अपनी पत्नी और बच्चे की याद में कब्रिस्तान में फातिहा पढ़ने के लिए गए. काफी देर तक घर वापस नहीं आने के बाद में सुब्हान के साले को चिंता हुई. वह अन्य दो रिश्तेदारों के संग में उन्हें ढूंढने के लिए गए. कब्रिस्तान पहुंचने के बाद में वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए. वहां का नजारा दिल दहला देने वाला था. दरअसल, सुब्हान का एक हाथ पत्नी और एक हाथ बेटे की कब्र पर था और वह जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे. हिलाने पर भी वह किसी तरीका रिएक्शन नहीं दे रहे थे, जिसके बाद सभी लोग उन्हें लेकर अस्पताल गए. जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
हालांकि, अभी तक किसी को भी पता नहीं लग पाया हैं कि आखिर कैसे उनकी मौत हो गई है. परिवार का कहना हैं सुब्हान के पैर पर एक अजीब सा निशान है. डॉक्टरों ने संभावना जताई हैं कि किसी कीड़े या जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया है, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई है. वहीं, कई लोगों का कहना हैं कि बेटे और पत्नी के गम को न सह पाने के कारण उनको दिल का दोहरा पड़ा है.
11 दिन में पूरा परिवार उजड़ गया है. पहले बेटे की मौत फिर पत्नी की मौत. हालांकि, दुखों का पहाड़ रजिया और सुब्हान के बाकी 3 बच्चों पर पड़ा है, जो कि माता-पिता के जाने के बाद अनाथ हो चुके है. दरअसल, दंपति के 3 बच्चे और है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है.
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