pm modi completes 4399 days: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिन पूरे कर 62 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसके बाद एनडीए ने लगातार तीसरी बार देश की कमान संभालने पर उन्हें बधाई दी है. पिछले 12 वर्षों में सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला, बुनियादी ढांचे का कायाकल्प किया और अब उनका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाना है.

pm modi completes 4399 days: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन ने भारत की जनता का दिल से शुक्रिया अदा किया है. इसके साथ ही गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार देश की कमान संभालने पर बधाई दी है. आज 10 जून 2026 को पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं. उन्होंने 62 साल पुराना एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इस लंबे समय के दौरान देश ने 13 अलग अलग नेताओं को प्रधानमंत्री बनते देखा. लेकिन पीएम मोदी ने बार बार जनता का भरोसा जीतकर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है. उनका पूरा नेतृत्व देश के हर नागरिक की उम्मीदों को पूरा करने और ईमानदारी से काम करने पर टिका है.
केंद्र में एनडीए सरकार को काम करते हुए अब पूरे 12 साल हो चुके हैं. इन 12 वर्षों की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि सरकार ने जनता को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई हैं. इस शासन मॉडल में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है और काम के नतीजों पर ज्यादा जोर दिया गया है. यह सरकार नागरिकों की जरूरतों को सुनती है और नए तौर तरीकों से काम करती है. यह पूरा सफर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के नारे को जमीन पर उतारता है. पीएम मोदी आजाद भारत में पैदा होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं. वे देश के युवाओं की नई सोच और उम्मीदों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं. वे लगातार दो कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी बन गए हैं.
जब मई 2014 में पीएम मोदी ने पहली बार सत्ता संभाली थी, तब देश के हालात बहुत खराब थे. उस समय देश की अर्थव्यवस्था और शासन व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से जूझ रही थी. कई सालों की अस्थिरता की वजह से सरकारी संस्थाओं पर से लोगों का भरोसा उठने लगा था. दुनिया के बड़े बड़े जानकार भारत के पिछड़ने की बातें कर रहे थे. हमारे देश को दुनिया की ‘कमजोर पांच’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था. सरकारी नीतियां अटकी हुई थीं और बैंकिंग सेक्टर डूबे हुए कर्ज (NPA) के संकट में फंसा था. देश में नया निवेश पूरी तरह से रुक चुका था.
लेकिन पिछले 12 सालों में पीएम मोदी के फैसलों से भारत की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई मुख्य अर्थव्यवस्था बन चुका है. हाल ही में भारत ने 38 देशों के साथ 15 नए व्यापार समझौते किए हैं. इससे पूरी दुनिया का भरोसा भारत पर बहुत ज्यादा बढ़ गया है. आज विदेशी कंपनियां निवेश और नए आइडियाज के लिए भारत को सबसे सुरक्षित और अच्छी जगह मानती हैं. सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए देश में जीएसटी (GST) लागू किया, जिसने पूरे देश को एक बाजार बना दिया. इसके साथ ही पुराने और बेकार हो चुके हजारों कानूनों को खत्म कर दिया गया. इससे आम लोगों का जीवन आसान हुआ और व्यापार करना भी सरल हो गया.
देश के बैंकिंग सुधारों की वजह से डूबा हुआ कर्ज अब कई दशकों के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. इससे देश के युवाओं में नया जोश आया है. स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप हब में खड़ा कर दिया है. अब सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और गांवों के युवा भी नए आविष्कार कर रहे हैं. सेमीकंडक्टर, ड्रोन, स्पेस टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके साथ ही डिजिटल इंडिया और यूपीआई (UPI) सिस्टम ने पैसों के लेनदेन को इतना आसान बना दिया है कि आज पूरी दुनिया हमारे इस डिजिटल मॉडल की तारीफ कर रही है. खेल के मैदान में भी सरकार की नई नीतियों और ‘खेलो इंडिया’ जैसे प्रयासों से भारतीय खिलाड़ी दुनिया भर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं.
पिछले 12 सालों में देश के बुनियादी ढांचे यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी क्रांतिकारी बदलाव आया है. भारतीय रेलवे का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया गया है. अमृत भारत योजना के तहत देश के छोटे बड़े स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है. रेलवे लाइनों का रिकॉर्ड बिजलीकरण हुआ है. वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें अब नए भारत की पहचान बन चुकी हैं. पहले हवाई यात्रा सिर्फ अमीर लोगों के बस की बात थी. लेकिन ‘उड़ान’ योजना के तहत बने नए हवाई अड्डों की वजह से अब आम नागरिक भी आसानी से हवाई सफर कर पा रहा है. इसके अलावा सड़कों और आधुनिक बस टर्मिनलों का जाल पूरे देश में बिछाया जा रहा है. ‘पीएम गतिशक्ति’ मास्टर प्लान की मदद से सालों से अटकी पड़ी करीब 90 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया गया है.
इस सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि विकास का फायदा देश के गरीब से गरीब इंसान तक पहुँचा है. पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं. सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाएं शुरू की हैं. संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास कराकर महिलाओं को राजनीति में बड़ी भागीदारी दी गई है. किसानों के लिए ‘पीएम किसान योजना’ के जरिए सीधे बैंक खाते में मदद भेजी जा रही है. दूरदराज के आदिवासी इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘पीएम जनमन’ योजना चलाई जा रही है. जिन सीमावर्ती गांवों को पहले ‘आखरी गांव’ कहा जाता था, उन्हें अब देश का ‘पहला गांव’ मानकर विकास किया जा रहा है. माओवाद प्रभावित और पहाड़ी इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवा पहुँचाई गई है.
सुरक्षा के मामले में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. सेना के लिए दशकों से अटकी ‘वन रैंक वन पेंशन’ (OROP) योजना को रिकॉर्ड समय में लागू किया गया. देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का नया पद बनाया गया. आज भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है और खुद अपने हथियार बना रहा है. वैश्विक मंच पर भी भारत की ताकत बढ़ी है. पीएम मोदी को दुनिया के 32 देशों ने अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है. कोरोना महामारी के समय भारत ने दुनिया के देशों को दवाएं और वैक्सीन देकर सच्चे दोस्त का फर्ज निभाया था. योग, मोटे अनाज (श्री अन्न) और हमारी सांस्कृतिक धरोहरों को आज पूरी दुनिया सम्मान दे रही है.
लगभग तीन दशक पहले अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े नेताओं ने मिलकर ‘इंडिया फर्स्ट’ के संकल्प के साथ एनडीए का गठन किया था. आज एनडीए का दायरा पूरे देश में फैल चुका है. देश के तीन चौथाई हिस्से पर एनडीए की सरकारें हैं, जो भारत की 75 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं. असम, त्रिपुरा और हरियाणा जैसे राज्यों में गठबंधन ने पहली बार सरकार बनाई. उत्तर प्रदेश में चार दशक बाद किसी पार्टी ने लगातार दोबारा सत्ता में आकर इतिहास रचा है. पूर्वोत्तर के राज्यों में भी एनडीए मजबूती से सरकार चला रहा है. साल 2024 के चुनाव नतीजों ने साबित कर दिया है कि देश की जनता ने सत्ता विरोधी लहर को बदलकर ‘सत्ता समर्थक’ युग की शुरुआत की है. अब एनडीए का लक्ष्य साल 2047 तक भारत को पूरी तरह से एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना है.
