15 जून दिन सोमवार को गुरुग्राम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया है. बता दें कि कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को रद्द कर दिया है.
जमानत याचिका हुई खारिज
दरअसल, पुलिस ने संजीव अरोड़ा को 100 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग वाले केस में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्होंने जमानत याचिका दायर की थी. हालांकि, गुरुग्राम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर 26 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. 9 मई को ED ने उन्हें गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप हैं कि उन्होंने रियल एस्टेट और उनसे जुड़ी हुई संस्था से संपत्ति की खरीद बिक्री की थी. साथ ही वस्तु एवं सेवा से संबंधित अनियमितताओं को भी अंजाम दिया था. इसी पर कार्रवाई करते हुए ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. 9 मई को उन्हें चंड़ीगढ़ में हिरासत में लिया गया था.
जमीन को परियोजना में बदलने का आरोप
आरोप लगने के बाद में ED ने जांच पड़ताल शुरू की थी. उनके ठिकानों पर तालाशी की गई. उस समय में वह राज्यसभा के सांसद थे. औद्योगिक जमीन को आवासीय परियोजना में बदलने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर हिरासत में लिया गया था. चंड़ीगढ़ से लेकर दिल्ली सभी ठिकानों पर तालाशी ली गई थी.
समर्थकों को लगा भारी झटका
बता दें कि उनके समर्थकों की नजरें इस सुनवाई पर टिकी हुई थी. संभावना जताई जा रही कि आज उनकी जमानत याचिका पास हो जाएगी. हालांकि, ऐसा हुआ नहीं. आने वाले समय में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही कोर्ट के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं.
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