PM Modi Seychelles Visit: यह लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान वहां की संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण, गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन सम्मान और समुद्री सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण पर दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों को दिखाता है.

PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों तीन दिवसीय सेशेल्स के दौरे पर गए हुए हैं. इसी दौरान रविवार को उन्होंने सेशेल्स की संसद को संबोधित किया, जो कि एक बेहद ऐतिहासिक पल रहा. अपने इस खास भाषण में पीएम मोदी ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) को लेकर दुनिया के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौसम में आ रहे बदलावों का सबसे गंदा असर उन गरीब और छोटे द्वीप देशों पर पड़ रहा है, जिन्हें ‘ग्लोबल साउथ’ कहा जाता है. इस दौरे के बीच सेशेल्स सरकार ने पीएम मोदी को ‘गार्जियन ऑफ द् ब्लू होराइजन’ यानी नीले क्षितिज का रक्षक नाम के एक बहुत बड़े सम्मान से भी नवाजा. इस सम्मान को पाकर उन्होंने सेशेल्स के लोगों का दिल से आभार जताया और कहा कि यह भारत के लिए बेहद गर्व की बात है.
जलवायु परिवर्तन के संकट को समझाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका असर अब केवल किताबों तक सीमित नहीं है. यह नुकसान हमारे समुद्र तटों, समुद्री जीवों, मौसम के चक्र और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में साफ दिखाई देने लगा है. उन्होंने दुनिया के अमीर देशों को कटघरे में खड़ा करते हुए एक बहुत जरूरी बात कही. पीएम मोदी का मानना है कि जिन छोटे देशों ने पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने में कोई भूमिका नहीं निभाई, उन्हें इसकी सबसे बड़ी सजा क्यों मिलनी चाहिए. उन्होंने पूरी दुनिया के सामने सेशेल्स को भरोसा दिलाया कि भारत हमेशा ऐसे संकट के समय छोटे द्वीप वाले देशों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा.
भारत और सेशेल्स के बीच सदियों पुराने दोस्ताना रिश्तों को याद करते हुए पीएम मोदी ने एक बहुत ही सुंदर बात कही. उन्होंने कहा कि हिंद महासागर हमारे बीच कोई दूरी पैदा नहीं करता, बल्कि यह तो हम दोनों देशों को आपस में जोड़ने का काम करता है. उन्होंने सेशेल्स को एक छोटा सा टापू मानने से साफ इनकार कर दिया. पीएम मोदी ने उसकी तारीफ करते हुए कहा कि सेशेल्स कोई छोटा द्वीप नहीं है, बल्कि यह तो 14 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ एक बहुत विशाल महासागरीय देश है. उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि सेशेल्स ने ‘ब्लू इकॉनमी’ (समुद्री अर्थव्यवस्था) और ‘ब्लू बॉन्ड’ के जरिए पूरी दुनिया को पर्यावरण बचाने का एक नया रास्ता दिखाया है.
इस ऐतिहासिक मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच आने वाले समय में दोस्ती और सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई नए रास्ते तलाशे गए. पीएम मोदी ने मछली पालन, समुद्री विज्ञान (मरीन साइंस) और समुद्र तटों की देखरेख के क्षेत्र में मिलकर काम करने का एक बड़ा प्रस्ताव रखा. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच प्रदूषण रहित ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) और पर्यावरण को बिना नुकसान पहुँचाए पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) को बढ़ावा देने पर भी गंभीर बातचीत हुई. भारत ने यह भी कहा कि उसने टेक्नोलॉजी और सरकारी कामकाज को बेहतर बनाने के लिए जो डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, उसका फायदा वह सेशेल्स के साथ भी बांटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति हर्मिनी के खास निमंत्रण पर कर रहे हैं. वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती (50वीं वर्षगांठ) के जश्न में मुख्य अतिथि यानी ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शामिल होने पहुंचे हैं. भारत ने इस खास मौके पर सेशेल्स को एक सुरक्षा जहाज (पेट्रोल वेसल) भी तोहफे में दिया है, जो दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों की गवाही देता है. कुल मिलाकर पीएम मोदी का यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा और दोस्ती के एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत करने जा रहा है.
