Bhojpur Encounter Case: ये खबर भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस पर आंदोलन बंद करने की धमकी देने के आरोपों और इंसाफ के लिए सीबीआई जांच की मांग को बयां करता है.

Bhojpur Encounter Case: भोजपुर के मशहूर भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हंगामा और बढ़ गया है. मृतक के भाई चंदन तिवारी ने पुलिस-प्रशासन पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं. चंदन का कहना है कि उनका परिवार पहले दिन से कह रहा था कि भरत को पांच गोलियां मारी गई थीं, लेकिन अधिकारी इस बात को दबाने में जुटे थे. अब जब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सबके सामने आ गई है, तो सच पूरी तरह साफ हो गया है. परिवार का कहना है कि रिपोर्ट ने प्रशासन के झूठ का पर्दाफाश कर दिया है और दूध का दूध, पानी का पानी हो गया है.
चंदन तिवारी ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके परिवार को सरकार से कोई पैसा या मुआवजा नहीं चाहिए. वे लोग सिर्फ और सिर्फ इंसाफ की मांग कर रहे हैं. परिवार चाहता है कि इस एनकाउंटर के पीछे जो भी लोग दोषी हैं, उन्हें कोर्ट से फांसी की सजा मिले. उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके घर की नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लोगों की मांग है. चंदन ने इस मामले की न्यायिक जांच पर भी सवाल खड़े किए हैं. परिवार लगातार मांग कर रहा है कि किसी रिटायर्ड जज के बजाय कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में मामले की जांच हो, तभी सच सामने आएगा.
इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने पुलिस पर डराने-धमकाने का भी बड़ा आरोप लगाया है. चंदन तिवारी के मुताबिक, पुलिस प्रशासन उन पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन खत्म करने का दबाव बना रहा है. उन्हें धमकियां दी जा रही हैं कि अगर आंदोलन बंद नहीं किया, तो उनका हश्र भी उनके भाई भरत तिवारी जैसा ही कर दिया जाएगा. हालांकि, पुलिस की इन धमकियों को लेकर अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है.
इस दुख की घड़ी में भरत तिवारी के परिवार से मिलने के लिए लगातार लोग उनके घर पहुंच रहे हैं. हाल ही में भोजपुरी फिल्मों के जाने-माने एक्टर और सिंगर रितेश पांडेय भी भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे. उन्होंने वहां जाकर शोकाकुल माता-पिता, भाई और बहन से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. रितेश पांडेय ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया है कि न्याय पाने की इस लंबी लड़ाई में वे हर मोड़ पर उनके साथ खड़े रहेंगे.
मीडिया से बात करते हुए रितेश पांडेय ने कहा कि यह कोई साधारण एनकाउंटर नहीं है, बल्कि एक बहुत ही गंभीर मामला है जिसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी इलाके के गरीब और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाते थे, इसलिए उनकी मौत से पूरे समाज में गुस्सा है. रितेश ने कहा कि परिवार को मिल रही धमकियों की बात अगर सच है, तो सरकार को तुरंत उन्हें सुरक्षा देनी चाहिए. उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी जानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके.
