sukhbir singh badal attack nanded: नांदेड़ के गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला करने वाले आरोपी सेवादार जसपाल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

sukhbir singh badal attack nanded: महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के मामले में नई बातें सामने आई हैं. नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा परिसर में उन पर कृपाण से हमला किया गया था. पुलिस ने मौके से ही हमलावर जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था. वह पिछले दो साल से उसी गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम कर रहा था. हमले के तुरंत बाद उसने खुद ही पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. जसपाल सिंह की उम्र करीब 60 से 62 साल के बीच है. वह मूल रूप से पुणे का रहने वाला है और यहां अकेले रह रहा था.
पंजाब में नशे की समस्या से था परेशान
नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पंजाब में फैल रहे नशे का जिक्र किया है. उसने कहा कि वह पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या को लेकर बहुत गुस्से में था. हालांकि, पुलिस का कहना है कि हमले की असली वजह का पता पूरी जांच के बाद ही चल पाएगा. आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड या किसी आपराधिक गिरोह से संबंध अभी तक सामने नहीं आया है.
महाराष्ट्र एटीएस ने पुणे में की छापेमारी
इस हमले की जांच में अब महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) भी शामिल हो गई है. एटीएस की एक टीम जांच के सिलसिले में पुणे स्थिति जसपाल सिंह के घर पहुंची. जांच में पता चला है कि उसकी पत्नी और एक शादीशुदा बेटी है. उसकी पत्नी इस समय अपने किसी रिश्तेदार के घर पर रह रही है. पुलिस और एटीएस की टीमें मिलकर आरोपी के पूरे परिवार और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारियां जुटा रही हैं.
सीढ़ियों से उतरते वक्त हुआ अचानक हमला
यह घटना गुरुवार दोपहर करीब पौने दो बजे गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुकट परिसर में हुई. सुखबीर बादल जब श्रद्धालुओं के पैर धोने वाली जगह के पास पहुंचे, तभी आरोपी ने उन पर हमला कर दिया. हमला इतना अचानक हुआ कि सुरक्षाकर्मियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. इस हमले में सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोट आई है और उन्हें दो से तीन टांके लगाने पड़े हैं. डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है.
पुराने विवादों और फैसलों से जुड़ा कनेक्शन
घटना के बाद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 2015 की बेअदबी की घटनाओं और पुलिस फायरिंग के मामलों को लेकर लोगों में असंतोष हो सकता है, लेकिन हिंसा को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता. सुखबीर बादल पर इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में भी जानलेवा हमला हुआ था. उन्हें अकाल तख्त साहिब द्वारा धार्मिक सजा भी सुनाई जा चुकी है.
अकाल तख्त की सजा और राम रहीम विवाद
सुखबीर बादल पर 2007 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को कथित तौर पर माफी दिलाने में भूमिका निभाने के आरोप लगे थे. इसके अलावा 2015 के बेअदबी मामलों और बहिबल कलां गोलीकांड में ढिलाई बरतने को लेकर अगस्त 2024 में उन्हें ‘तनखैया’ घोषित किया गया था. बाद में उन्हें गुरुद्वारों में बर्तन धोने और सेवादारी करने की धार्मिक सजा दी गई थी. पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या नांदेड़ हमले का इन पुराने विवादों से कोई लेना-देना है या नहीं.
