भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब राष्ट्रपति तक पहुंच गया है. इस मामले में अब बिहार के मुख्य सचिव को संज्ञान लेने के लिए निर्देश दिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजीव कुमार सिंह ने 24 जून को राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए एक ई-मेल किया था.

राष्ट्रपति तक पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला
बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर का मामला अब राष्ट्रपति तक पहुंच गया है. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजीव कुमार सिंह ने 24 जून को राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए एक ई-मेल किया था. अब उस याचिका पर सोमवार को संज्ञान लिया गया है. इस मामले को लेकर बिहार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है.
राष्ट्रपति के यहां दायर की थी याचिका
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में कार्रवाई की जानकारी याचिकाकर्ता को देने के लिए भी आदेश दिया गया है. मामले में याचिका दायर करने वाले वकील संजीव कुमार सिंह ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में FIR के बाद उन्होंने राष्ट्रपति के यहां याचिका दायर की थी. उन्होंने बताया कि याचिका में मांग की गई है कि इस केस में जिस-जिस व्यक्ति का नाम है, उनकी तुरंत गिरफ्तारी की जाए.
मेल के जरिए आया जवाब
मामले में जानकारी देते हुए एडवोकेट संजीव कुमार सिंह ने बताया कि उनकी याचिका के बाद सोमवार के मेल के जरिए जवाब आया है. इस मामले में बिहार के चीफ सेक्रेटरी को संज्ञान लेने के लिए निर्देश दिया गया है. एडवोकेट संजीव ने बताया कि मुख्य सचिव के यहां हम मिलने भी जाएंगे. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि मामले में जल्द ही गिरफ्तारी हो. अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो आरा कोर्ट में इस FIR को लेकर गैर जमानतीय वारंट जारी करने के लिए आवेदन भी करेंगे.
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
आपको बता दें कि बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस ने भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर कर दिया था. इस एनकाउंटर को लेकर कई तरह के सवाल उठे और परिवार ने पुलिसकर्मियों की कार्रवाई के ऊपर उंगली उठाई थी. जिसके बाद अब यह मामला राष्ट्रपति तक पहुंच गया है. अब इस मामले में संज्ञान लेने के लिए बिहार के मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं.
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