मोदी 3.0 के संभावित कैबिनेट विस्तार में उत्तराखंड से अजय टम्टा, अनिल बलूनी, त्रिवेंद्र रावत, अजय भट्ट और माला राज्य लक्ष्मी शाह के नाम चर्चा में हैं।

दिल्ली में इन दिनों एक चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है… आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी 3.0 सरकार का पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार कब करेंगे? तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। माना जा रहा है कि जुलाई में कभी भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन मंत्री बनेगा। असली सवाल ये है कि, किस राज्य को ज्यादा महत्व मिलेगा और किस चेहरे पर बीजेपी दांव लगाएगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड… ये तीन ऐसे राज्य हैं जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में इन राज्यों को खास प्राथमिकता मिल सकती है। आज बात करते हैं उत्तराखंड की… जहां एक नहीं बल्कि कई बड़े चेहरे इस समय चर्चा में हैं।
उत्तराखंड से कौन-कौन है रेस में?
फिलहाल उत्तराखंड से अजय टम्टा केंद्र सरकार में राज्यमंत्री हैं। अल्मोड़ा सुरक्षित सीट से लगातार तीसरी बार सांसद बने अजय टम्टा बीजेपी के बड़े दलित चेहरे माने जाते हैं। इससे पहले भी वे केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और इस बार भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। लेकिन अब चर्चा इस बात की है कि क्या उत्तराखंड से एक और सांसद को मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी… या फिर अजय टम्टा की जगह किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा।
अनिल बलूनी का नाम क्यों चर्चा में है?
गढ़वाल से पहली बार सांसद बने अनिल बलूनी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। बलूनी लंबे समय तक बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद नेताओं में भी गिना जाता है।
अगर उन्हें मंत्री बनाया जाता है तो बीजेपी को गढ़वाल क्षेत्र के साथ-साथ ब्राह्मण समाज को भी मजबूत संदेश देने का मौका मिलेगा।
त्रिवेंद्र रावत भी मजबूत दावेदार
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र रावत के पास सरकार और संगठन… दोनों का लंबा अनुभव है। मुख्यमंत्री रहने के बाद अब वे संसद में हैं। और इस अनुभव का फायदा मिल सकता है, त्रिवेंद्र सिंह रावत को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी देकर बीजेपी उत्तराखंड में नया संदेश दे सकती है।
क्या अजय भट्ट की होगी वापसी?
एक और नाम है अजय भट्ट, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से सांसद अजय भट्ट पहले भी मोदी सरकार में रक्षा और पर्यटन मंत्रालय में राज्यमंत्री रह चुके हैं। संगठन और सरकार दोनों का अनुभव उनके पास है। अगर पार्टी अनुभवी चेहरों पर भरोसा करती है तो अजय भट्ट की भी कैबिनेट में वापसी हो सकती है।
क्या महिला चेहरे पर दांव खेलेगी बीजेपी?
उत्तराखंड की इकलौती महिला सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह का नाम भी चर्चा में है। टिहरी से लगातार चौथी बार सांसद बनीं माला राज्य लक्ष्मी शाह शाही परिवार से आती हैं। अगर बीजेपी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का फैसला करती है तो, उनका नाम भी मजबूत दावेदारों की लिस्ट में हो सकता है।
ईन फॉर्मूले पर हो रही है चर्चा
अब सबसे दिलचस्प सवाल… आखिर बीजेपी किस फॉर्मूले पर आगे बढ़ सकती है? हो सकता है कि, अजय टम्टा मंत्री बने रहें और गढ़वाल से अनिल बलूनी, त्रिवेंद्र रावत या माला राज्य लक्ष्मी शाह में से किसी एक को भी मंत्री बना दिया जाए। यानी उत्तराखंड से दो मंत्री या अजय टम्टा की जगह गढ़वाल के किसी नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है, या फिर अजय टम्टा की जगह पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट की वापसी हो सकती है, यानी विकल्प कई हैं… लेकिन फैसला सिर्फ प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व को करना है।
क्या फिर बनेगा पुराना रिकॉर्ड?
दिलचस्प बात ये भी है कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय उत्तराखंड से एक साथ दो सांसद केंद्र सरकार में मंत्री रहे थे। उसके बाद ऐसा मौका दोबारा नहीं आया। अब सवाल ये है कि, क्या मोदी सरकार फिर वही प्रयोग दोहराएगी और उत्तराखंड से दो नेताओं को एक साथ मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी… या फिर सिर्फ एक ही चेहरा राज्य का प्रतिनिधित्व करता रहेगा। उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटें हैं और तीन राज्यसभा सांसद भी हैं। ऐसे में पार्टी के सामने विकल्पों की कमी नहीं है। लेकिन फैसला ऐसा होगा जिसमें क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण, संगठन का अनुभव और आने वाले चुनाव… सबका ध्यान रखा जाएगा। अब सबकी नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतिम फैसले पर है। देखना होगा कि उत्तराखंड से किसे दिल्ली की सत्ता में नई जिम्मेदारी मिलती है… और कौन इस बार इंतजार ही करता रह जाता है।
