मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल को लेकर कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं. उत्तराखंड के 3 चेहरों को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं. मोदी कैबिनेट में शामिल होने को लेकर इन चेहरों पर प्रयोग किया जा सकता है.

मोदी 3.0 का कैबिनेट विस्तार कब?
मोदी 3.0 सरकार के कैबिनेट विस्तार और उसमें फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. बीजेपी संगठन से लेकर सोशल मीडिया तक इन दिनों सिर्फ एक बात की चर्चा हो रही है. लोग बात कर रहे हैं कि आखिर मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला कैबिनेट विस्तार कब होने वाला है. आपको बता दें कि जुलाई महीने में किसी भी समय पर कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार किया जा सकता है.
कुछ चेहरों की हो सकती एंट्री
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए तीनों राज्यों में नई टीमों का विस्तार किया जा सकता है. ऐसा भी माना जा रहा है कि कुछ चेहरों की एंट्री भी हो सकती है. इन चेहरों से सारे समीकरणों को साधने की कोशिश की जा सकती है. उत्तराखंड में मोदी कैबिनेट विस्तार को लेकर नया प्रयोग किया जा सकता है.
नया प्रयोग करने की बात
आपको बता दें कि उत्तराखंड के कुमाऊं से अजय टम्टा मोदी कैबिनेट में परिवहन राज्य मंत्री हैं. अजय टम्टा अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय क्षेत्र से लगातार तीसरी बार चुनाव जीत चुके हैं और मोदी कैबिनेट में 2 बार राज्यमंत्री भी रह चुके हैं. आपको बता दें कि बीजेपी के दलित चेहरों में अजय टम्टा का नाम ऊंचे स्तर पर लिया जाता है. अब मोदी कैबिनेट की नई टीम में उत्तराखंड से एक और भी चेहरे को शामिल करने की चर्चाएं तेज हैं.
अनिल बलूनी
गढ़वाल संसदीय सीट से ब्राह्मण चेहरों सबसे ऊपर अनिल बलूनी का नाम आता है. हालांकि अनिल बलूनी पहली बार सांसद बने हैं, लेकिन वे बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में मीडिया प्रभारी की कमान को संभाले हुए हैं. माना जा रहा है कि मोदी टीम में अनिल बलूनी को शामिल करके बीजेपी एक साथ में कई समीकरणों को साधने की कोशिश कर सकती है.
त्रिवेंद्र रावत
हरिद्वार संसदीय सीट से ठाकुर चेहरा त्रिवेंद्र रावत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं. इन्हें अमित शाह के करीबी नेताओं में भी गिना जाता रहा है. त्रिवेंद्र रावत को सरकार और संगठन दोनों को चलाने का अनुभव है. सीएम पद से हटाने के बाद उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने की बात कही जाती रही है. ऐसे में चर्चा हो रही है कि त्रिवेंद्र रावत को मोदी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.
अजय भट्ट
नैनीताल-उधमसिंह नगर सीट से दूसरी बार सासंद बने अजय भट्ट कुमाऊं के ब्राह्म्ण चेहरा हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वे इससे पहले रक्षा मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं. आपको बता दें कि अजय भट्ट बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. अजय भट्ट को सरकार और संगठन को चलाने का अच्छा अनुभव है. ऐसे में अजय भट्ट को भी मोदी 3.0 सरकार के कैबिनेट में शामिल करने की चर्चाएं तेज हैं.
माला राज्य लक्ष्मी शाह
टिहरी गढ़वाल से चौथी बार सांसद रहने वाली माला राज्य लक्ष्मी शाह को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. आपको बता दें कि माला राज्य लक्ष्मी शाह उत्तराखंड से अकेली महिला सांसद हैं. अब चर्चा हो रही है कि माला राज्य लक्ष्मी शाह को मोदी कैबिनेट में शामिल करके बीजेपी सभी को चौंका सकती है. आपको बता दें कि माला राज्य लक्ष्मी शाह टिहरी की शाही परिवार से हैं.
इन 3 फॉर्मूलों की हो रही चर्चा-
1. अजय टम्टा को न बदला जाए और गढ़वाल से त्रिवेंद्र, अनिल बलूनी या रानी में से किसी एक को राज्य मंत्री के तौर पर कैबिनेट में शामिल कर लिया जाए.
2. अजय टम्टा की जगह पर गढ़वाल से त्रिवेंद्र रावत, अनिल बलूनी या फिर रानी में से किसी एक चेहरे को राज्य मंत्री के रूप में शामिल कर लिया जाए.
3. अजय टम्टा की जगह अजय भट्ट को मौका दिया जाए.
आपको बता दें कि अटल बिहारी सरकार में उत्तराखंड के 2 सांसद एक साथ मंत्री रह चुके हैं. इन सांसदों में बच्ची सिंह रावत और बीसी खंडूरी थे. इन दोनों के बाद अभी तक उत्तराखंड में एक साथ 2 सांसद कभी मंत्री नहीं बने हैं. अब इस बार मोदी सरकार में इस तरह का प्रयोग किया जा सकता है.
उत्तराखंड में कितनी सीटें?
आपको बता दें कि उत्तराखंड में 5 लोकसभा सीटें और 3 राज्यसभा सीटें मौजूद हैं.
टिहरी- माला राज्य लक्ष्मी शाह
गढ़वाल- अनिल बलूनी
हरिद्वार- त्रिवेंद्र सिंह रावत
नैनीतार-ऊधमसिंह नगर- अजय भट्ट
अल्मोड़ा- अजय टम्टा
उत्तराखंड से राज्यसभा सासंद
नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी और महेंद्र भट्ट उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद हैं.
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