राम मंदिर दान चोरी मामले में सरकार ने SIT टीम को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है. अब जांच एजेंसी लोगों से पूछताछ और सभी पहलुओं की गहराई के साथ जांच करने वाली है.

SIT को 15 दिन का अतिरिक्त समय
अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले में जांच पूरी करने और कड़ियों को जोड़ने के लिए सरकार की तरफ से SIT को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है. आपको बता दें कि जांच एजेंसी को यह समय इसलिए दिया गया है, जिससे वे इस घोटाले से जुड़े हुए सभी संवेदनशील पहलुओं की गहनता के साथ जांच को पूरा कर सकें. अब इस मामले में टीम जांच को पूरा करेगी.
जांच का बढ़ेगा दायरा
SIT का मुख्य उद्देश्य चढ़ावे से जुड़ी हेरफेरी को खंगालना और हर एंगल से जांच करना है. अब टीम अतिरिक्त मिले समय में अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगी, जिससे इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा सकेगी. बताया जा रहा है कि SIT के अधिकारी इस बाच को सुनिश्चित कर रहे हैं कि जांच के दौरान किसी भी तरह का तकनीकी, फॉरेंसिक या फिर दस्तावेजी पहलू छूट न पाए.
बैंकों से मांगे पिछले 5 साल के रिकॉर्ड
आपको बता दें कि इससे पहले टीम ने मनी ट्रेल को 7 बैंकों तक ट्रेस किया था. अब इस मामले में गहराई तक जाने के लिए टीम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक से पिछले 5 सालों तक के रिकॉर्ड मांगे हैं. साथ ही टीम ने वरिष्ठ ट्रस्ट अधिकारियों समेत कई लोगों के बयानों को भी दर्ज किया था. अब टीम सरकार द्वारा मिले अतिरिक्त समय में फॉरेंसिक जांच, डिजिटल फॉरेंसिक और वित्तीय विश्लेषण पर ध्यान देने वाली है.
8 लोग हो चुके गिरफ्तार
माना जा रहा है कि अब टीम इस मामले में बैंक लेन-देन, डिजिटल सबूत, चढ़ावे की राशि के मूवमेंट और ट्रस्ट के अंदर संभावित सांठगांठ की जांच को तेज करने वाली है. इस मामले में पहले ही 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आपको बता दें कि टीम ने साफ कर दिया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा. अब सरकार की तरफ से टीम के 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है.
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