Ayodhya ram mandir: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी मामले में एसआईटी ने 8 घंटे तक गहन पड़ताल की और मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की रिमांड मिलने के बाद ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों से दान संग्रह और नियुक्तियों को लेकर पूछताछ की है.

Ayodhya ram mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला इन दिनों काफी गरमाया हुआ है. इस मामले की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने गुरुवार को अयोध्या में बड़ी कार्रवाई की. आईपीएस अधिकारी किरण एस की अगुवाई में एसआईटी की टीम दोपहर करीब पौने दो बजे राम मंदिर परिसर पहुंची. वहां टीम ने रात साढ़े आठ बजे तक यानी पूरे 8 घंटे तक मैराथन जांच पड़ताल की. इस दौरान टीम ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और दान इकट्ठा करने के पूरे सिस्टम को बहुत बारीकी से परखा.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस लंबी जांच के दौरान एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों से भी तीखे सवाल जवाब किए. टीम ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से लंबी पूछताछ की. हालांकि, इस पूछताछ को लेकर अभी तक एसआईटी या राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. जांच टीम का पूरा फोकस इस बात पर था कि आखिर मंदिर में चढ़ावे का पैसा किस तरह इकट्ठा किया जाता था और उसमें सेंधमारी कैसे हो गई.
एसआईटी ने डॉ. अनिल मिश्रा से मुख्य रूप से यह सवाल किया कि दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों को नौकरी पर किसने और किस आधार पर रखा था. बैंक के जरिए जिन लोगों की नियुक्ति की गई, उनकी सिफारिश किसने की थी. असल में, एसआईटी ने पहले ही बैंक से उन सभी कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड निकलवा लिया था कि कौन किसका रिश्तेदार या परिचित है. उसी ब्योरे को सामने रखकर अनिल मिश्रा से कड़ी पूछताछ की गई. वहीं, गोपाल राव से दान पेटियों की सुरक्षा और वहां आने जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी ली गई.
दूसरी तरफ, इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को लेकर भी कोर्ट से बड़ा फैसला आया है. अयोध्या की अदालत ने अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है. पुलिस ने वैसे 48 घंटे की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ एक दिन की मोहलत दी. पुलिस के लिए अविनाश सबसे अहम कड़ी है, क्योंकि अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी उसी के घर से हुई है. पुलिस ने अविनाश के पास से 20 लाख 39 हजार रुपये कैश, 1,121 अमेरिकी डॉलर और करीब 11 ग्राम सोना बरामद किया है.
इस जांच का दायरा अब आरोपियों के परिवारों तक भी पहुंच गया है. एक अन्य आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर तलाशी लेने के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उसकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा को एक नोटिस थमा दिया है. आरोप है कि उनके गांव में बिना नक्शा पास कराए एक मकान का निर्माण कराया जा रहा था. इस मामले में अब तक चढ़ावा गिनने वाले 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके पास से लाखों रुपये बरामद हुए हैं. पुलिस को जांच में एक ऐसा दानपात्र भी मिला है, जिस पर पेटीएम का क्यूआर कोड लगा था. अब पुलिस को उम्मीद है कि अविनाश से रिमांड के दौरान पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो जाएगा.
