राम मंदिर दान चोरी मामले के बीच गोपाल राव ने दावा किया है कि उन्हें ट्रस्ट से हटाया नहीं गया है. वहीं उनका यह दावा ट्रस्ट के ऑफिशियल बयान से पूरी तरह अलग है. उन्होंने कहा कि उन्हें बैठकों से दूर रहने के लिए कहा गया है.

मुझे ट्रस्ट से हटाया नहीं गया- गोपाल राव
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच गोपाल नगरकट्टे उर्फ गोपाल राव ने बुधवार को बड़ा दावा किया है. गोपाल राव ने कहा कि उन्हें ट्रस्ट से हटाया नहीं गया है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें सिर्फ कुछ समय के लिए ट्रस्ट की बैठकों से दूर रहने के लिए कहा गया है. आपको बता दें कि बीते दिनों श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई थी, जिसमें गोपाल राव को शामिल नहीं किया गया था.
मैं बैठक में शामिल नहीं हूंगा- गोपाल राव
गोपाल राव ने बैठक के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत की है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में कुछ विशेष आमंत्रित सदस्य हैं. विवाद के शुरू होने के बाद 2 लोगों ने इस्तीफा दिया था, जिसे अब ट्रस्ट के द्वारा स्वीकार कर लिया गया है. इस्तीफे को स्वीकार करने के बाद सभी लोगों ने तय किया कि मैं कुछ दिनों तक बैठक में शामिल नहीं हूंगा. उन्होंने कहा कि मैं इस पूरी व्यवस्था में सहयोग करूंगा.
दान की कर करते हैं जांच
गोपाल राव ने कहा कि नई टीम के कामकाज संभालने के बाद मैं खुद ही पीछे हट जाऊंगा. उन्होंने कहा कि मंदिर के सभी काम चल रहे हैं और अफवाहों पर ध्यान न दें. उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ाया गया सोना, चांदी और दान की सभी चीजें सुरक्षित हैं और अगर कोई इसकी जांच करना चाहता है, तो वह कर सकता है. उन्होंने कहा कि दान चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों पर कार्रवाई करना पुलिस का काम है, ट्रस्ट का नहीं है.
ट्रस्ट के बयान से अलग है गोपाल राव का दावा
आपको बता दें कि गोपाल राव का बयान मंदिर ट्रस्ट के ऑफिशियल ऐलान से पूरी तरह अलग है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा था कि गोपाल राव को ट्रस्ट के प्रशासक पद और विशेष आमंत्रित सदस्यों की लिस्ट से हटाने का फैसला लिया गया है. वहीं जानकारी के मुताबिक गोपाल राव ने बुधवार को मंदिर परिसर में मिला हुआ अपना आवास भी खाली कर दिया है.
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