नोएडा पुलिस ने एक संगठित ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब का खुलासा किया है. पूरा गिरोह संगठित तरीके से काम को अंजाम देता था. पहले लड़की के जरिए पीड़ित को फंसाना. उसके बाद में मिलने के लिए बुलाना और बाद में लूटपाट के मामले को अंजाम देना. इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है.
जानकारी के मुताबिक, मामले में ओमवीर यादव, मंजेश यादव, प्रियंका यादव, निधि यादव और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है, सभी आरोपियों को सेक्टर 54 के खरगोश पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, अभी तक गैंग के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार नहीं किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के पास में से एक फॉर्च्यूनर कार, वारदात के समय में प्रयोग की गई दो कारें और एक चाकू को बरामद किया है.
गिरोह के काम करने का तरीका भी संयोजित
दरअसल, गैंग का सदस्य पहले ऑनलाइन ग्राहक को खोजता. उसके बाद में गैंग की एक महिला सदस्य पीड़ित व्यक्ति से संपर्क करती. उसके बाद में पीड़ित से दोस्ती को बढ़ाया जाता. दोस्ती आगे बढ़ जाने के बाद में लड़के को मिलने के लिए बुलाया जाता था. बुलाने के बाद में ही असली खेल शुरू होता था.
एक कार में चार लोग बैठते और दूसरी कार के अन्य सदस्य रहते. किसी भी तरीके की अनहोनी होने पर बचा जा सके. इसी कारण से पीछे से एक और कार आती रहती थी. महिलाओं के बुलाने की वजह से पीड़ित बातों में फंसते चले जाते थे.
30 जून 2026 की रात में भी ऐसा ही एक मामला देखने को मिला था. गिरोह के लोगों ने सेक्टर-54 स्थित पेट्रोल पंप से एक व्यक्ति को पहले अपनी स्विफ्ट कार में बैठाया . उसके बाद में उसके मोबाइल फोन को छिन कर उसके साथ मारपीट को अंजाम दिया. उसके बैंक से कई हजार रुपये भी ट्रांसफर करवाए गए. उसका पर्स और फॉर्च्यूनर भी उससे ले लिया गया. सब कुछ लूट लेने के बाद में आरोपी को छोड़ दिया जाता था.
इस मामले के बाद ही इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो पाया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक फॉर्च्यूनर को बरामद किया है. अन्य आरोपियों को पकड़ने के बाद में स्विफ्ट और आरा कार को भी पुलिस ने बरामद किया है. पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है.
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