कॉकरोच जनता पार्टी के साथ में अनशन में बैठे जलवायु और शिक्षाविद कार्यकर्ता सोनम वागंचुक की हालत काफी गंभीर नजर आ रही है. बता दें कि वह जंतर-मंतर पर 11 दिन से अनशन पर है. उनका वजन धीरे-धीरे काफी कम होता जा रहा है. डॉक्टरों ने बताया कि अभी तक उनका वजन 7 किलोग्राम गिर चुका है. CJP का प्रदर्शन करीब 19 दिन से चल रहा है.
अभी तक कोई जबावदेही नहीं
यह अनशन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए किया जा रहा है. हालांकि, अभी तक आगे से किसी भी तरीके की जवाबदेही सामने नहीं आई है. रिपोर्ट के अनुसार, वांगचुक का वजन 59. 40 किलोग्राम हो गया है. भूख हड़ताल के बाद से लेकर अब तक उनके वजन में 7 किलोग्राम की कमी हुई है. उनका रक्तचाप भी 103/68 दर्ज किया गया है. दिल की धड़कन 74 प्रति मिनट और ब्लड शुगर 75 दर्ज किया गया है. हालांकि, अभी उनके शरीर में पानी का स्तर पूरी तरीके से ठीक है. मानसिक तरीके से भी काफी सतर्क है.
क्यों बैठे अनशन में
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी धमेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रही है. अभी तक लेकिन किसी भी तरीके की रिपोर्ट सामने से आई नहीं है. हालांकि, सीजेपी पर लगे रोक को हटाने का दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार के दिन में स्वागत किया है. अभिजीत दीपके ने उच्च न्यायालय के इस फैसले को आंदोलन की बड़ी जीत बताया है. अब वह मांग कर रहें है कि सोनम वांगचुक की 11 दिन की भूख हड़ताल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए की जा रही है. साथ ही नीट में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ का मुआवजा देने के लिए किया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब का भंडाफोड़ : महिला के जरिए फंसाकर करते थे लूटपाट, फॉर्च्यूनर समेत कई वाहन बरामद…
